पुलिस हिरासत में तीनों शिकारी। संवाद
बदायूं। पक्षियों का शिकार करते पुलिस ने तीन लोगों को बुधवार की सुबह गिरफ्तार किया है। उनके पास से 16 पक्षी मृत बरामद किए गए हैं। इन पक्षियों को मारने के बाद भोजन बनाने की तैयारी थी। पशु प्रेमी की सूचना पर डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें दबोच लिया। बरामद पक्षियों के शव आईवीआरआई बरेली भेजे गए हैं।
वन दरोगा अशोक कुमार ने बताया कि पशु प्रेमी दीपेश दिवाकर ने सूचना दी थी। बताया था कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मंडी समिति के सामने से पुलिस ने तीन शिकारियों को पकड़ा है। उनके पास से एक थैले में मृत पक्षियों के शव मिले हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और थैले से 16 मृत पक्षी अपने कब्जे में लिए। इनमें दो नीलकंठ, 10 कौवे या कोयल और चार बगुले शामिल थे। इन पक्षियों के पंख नोंच दिए गए थे और केवल मांस बचा था। आरोपियों के पास से मछली पकड़ने के कांटे और चूहे मारने की दो खटका मशीनें भी मिली हैं।
पूछताछ में पकड़े गए शिकारियों ने अपना नाम पता गाजियाबाद के थाना दानशाही के गांव बझेड़ा निवासी विकास पुत्र चंद्रपाल, गौतमबुद्धनगर जिले के गांव छलौन निवासी विक्रम पुत्र कालू, हापुड़ जिले कबे गांव हैदरनगर नागौल निवासी अम्मू पुत्र कृपाल बताया है। बताया कि उनके साथ एक महिला शिकारी छमिया भी थी, जो पुलिस के पहुंचने से कुछ देर पहले ही वहां से चली गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला शिकारी की तलाश पुलिस कर रही है।
शहर में महीनों से रहते आ रहे थे शिकारी
शिकारियाें का काम रात में शिकार करना और उनके मांस को खाने में इस्तेमाल करना था। शहर में यह लोग महीनों से जमे हुए थे। यह लोग कभी बड़े सरकार की दरगाह पर तो कभी रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर ठहरते आ रहे थे। बुधवार की सुबह को इन लोगों को पुलिस ने दबोच लिया।
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। आखिर यह लोग बाहर से यहां कहां रह रहे थे और क्या-क्या करते आ रहे थे। उसके बाद ही अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। -नीरज मलिक, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस