उसहैत में मौजूद टीम। स्रोत चाइल्डलाइन
बदायूं। उसहैत क्षेत्र में तीन बाल विवाह की तैयारी चल रही थी। सूचना पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के थाना प्रभारी चाइल्ड लाइन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तीनों बाल विवाह को रुकवा कर परिवार के लोगों से बालिग होने तक शादी न करने के संबद्ध में शपथ पत्र लिया।
उसहैत के एक गांव में तीन नाबालिग लड़कियों के विवाह होने थे। उनकी शादी तीन, चार और आठ मई को होनी थी। इसकी सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन को मिली। चाइल्ड हेल्प लाइन के समन्वयक कमल शर्मा ने इसकी सूचना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट व बाल कल्याण समिति को दी। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के थाना प्रभारी अजय कुमार, उपनिरीक्षक थाना उसहैत तिलकराम पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। वह तीनों लड़कियों के परिवार से मिले और बालिकाओं के आयु के साक्ष्य मांगे।
तीनों बालिकाओं की आयु साक्ष्यों के अनुसार 16 वर्ष के आसपास निकलीं। परिवार के अनुसार भी बालिकाओं की आयु 16 वर्ष के लगभग थी। उनके परिजनों को शादी न करने के बारे में समझाया। टीम ने परिवार के लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताया। बताया कि कि अगर लड़की की शादी 18 वर्ष से पहले की तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद सभी से बालिग होने पर ही लड़की की शादी करने की बात कही। अब इन बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
समन्वयक कमल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अब तक पांच बाल विवाह रोक जा चुका है। जनपद में इतने ज्यादा बाल विवाह होना चिंता का विषय है। इस मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई के धनंजय पाठक, ग्राम प्रधान शिवरानी, ग्रामीण शेरसिंह आदि उपस्थित रहे।