निर्वाचन आयोग ने तीन साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया
प्रदेश में वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान खर्च का ब्योरा न देने वाले तीन प्रत्याशियों को भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने के लिए अवैध घोषित कर दिया है। इन प्रत्याशियों की सूची निर्वाचन आयोग के जिला कार्यालय में भी आ गई है। चुनाव आयोग ने इन प्रत्याशियों पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया है, जो वर्ष 2018 तक जारी रहेगा।
विधानसभा चुनाव 2012 में शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने वाली पूजा, बिसौली विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले महावीर और सहसवान विधानसभा से गांगदेव ने चुनाव समाप्त होने के बाद खर्च ब्योरा नहीं दिया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इन तीनों के खिलाफ वर्ष 2015 में सात जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग का आदेश आया था, जिसमें इन पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया था। कहा, यह प्रतिबंध वर्ष 2018 जनवरी तक रहेगा। हालांकि इन तीनों प्रत्याशियों को चुनाव कार्यालय ने खर्च का ब्योरा देने के लिए नोटिस भी जारी किए थे फिर भी इन्होंने ब्योरा नहीं दिया। इसके बाद इनकी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से चुनाव कार्यालय भेज दी गई थी। आयोग ने इनको चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस बार जो प्रत्याशी चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं देंगे, उन पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। वहीं, लोकसभा चुनाव लड़कर चुनाव का खर्च न देने वाले प्रत्याशियों को भी चुनाव कार्यालय ने चिह्नित किया है। ऐसे प्रत्याशियों को नोटिस देकर चुनाव खर्च का ब्योरा मांगा गया। कुछ ने हिसाब दिया, कुछ ने नहीं। चुनाव कार्यालय इनकी रिपोर्ट भी निर्वाचन आयोग को भेजेगा।