जरीफनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में घूरे की जमीन पर कब्जा करने की रंजिश में जानलेवा हमला करने के आरोपियों को पांच-पांच साल की कैद सहित पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
यह घटना गांव सिरसा खुर्द की है। वादी मुकदमा वीरेंद्र पुत्र रमेश ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि उसके गांव के ओमपाल, महीपाल, विट्टन पुत्रगण टीकाराम उसकी घूरे की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। जिस कारण आरोपी रंजिश मानते थे। 14 मार्च 2005 की सुबह सात बजे उक्त तीनों भाई अपने भांजे प्रेम और सेवाराम के पास आए और घूरा उठाने को मना करने पर आरोपी विट्टन ने अवैध तमंचे से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। जो वादी को लगा साथ ही उसके भाई देवेंद्र को लाठी से बुरी तरह से पीट दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश रीता कौशिक ने पत्रावली का अवलोकन किया। कोर्ट ने प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जानलेवा हमले में नामजद आरोपियों को पांच- पांच साल की कैद सहित प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।