कोर्ट ने दिया ये आदेश
कोर्ट ने कहा कि साक्षियों ने पूर्व बयान से भिन्न एवं अभियोजन के प्रतिकूल साक्ष्य दिए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि साक्षियों ने जानबूझकर झूठे साक्ष्य दिए। इस पर कोर्ट ने आरोपी वीरेंद्र, विद्या और भूरे को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही कोर्ट ने वादी मुकदमा रिंकी के पिता विचित्र पाल, मां शांति देवी और भाई गौतम के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 379 के अंतर्गत अलग से वाद दर्ज करने और साक्षीगणों के विरुद्ध हाजिरी के लिए समन जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने अलग की गई पत्रावली को 29 जुलाई को पेश करने का भी आदेश दिया है।