डीएम ने बैठक में की विकास कार्यों की समीक्षा
अनुपस्थित दो अधिकारियों का किया जवाब-तलब
जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने कहा जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापामारी करें और नियमों का उल्लंघन कर लिंग परीक्षण करने वालों के साथ कोई रियायत न बरतते हुए उन्हें जेल भिजवाया जाए। दुग्ध विकास और मंडी परिषद से बैठक में किसी अधिकारी के उपस्थित न होने पर डीएम ने जवाब-तलब करते हुए वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को विकास भवन स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी ने सरकारी नलकूपों के खराब ट्रांसफार्मर निर्धारित अवधि में विधुत विभाग द्वारा न बदले जाने पर नाराजगी जताई। नलकूप विभाग के अभियंताओं से ट्रांसफार्मर खराबी के कारण बंद नलकूपों की सूची तलब की। उन्होंने हौसला पोषण मिशन की समीक्षा कर नोडल अधिकारियों को हिदायत दी है कि वह आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर हौसला पोषण योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएं। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में मात्र बीस गांवों में ही विद्युतीकरण की प्रगति होने पर और अभी तक गंगा पार बसे लोहिया ग्राम जटा में विद्युतीकरण न किए जाने पर विभागीय अभियंताओं को फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय स्थित नव निर्मित आशा ज्योति भवन का शीघ्र उद्घाटन कराने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए। ऑनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण निश्चित समयावधि में न होने पर असंतोष जताया। बैठक में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार सिंह, डीआरडीए के परियोजना निदेशक रविंद्र नाथ सिंह यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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762 टॉपर छात्राओं को मिलेगा कन्या विद्याधन
बदायूं। जनपद में इस वर्ष 762 टॉपर छात्राओं को कन्या विद्या धन दिया जाएगा। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने सत्यापन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
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बाल स्वास्थ्य गारंटी येाजना का कार्य पिछड़ा
बदायूं। बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना अंतर्गत प्रदेश स्तर पर डी श्रेणी होने के कारण जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमओ सुनील कुमार को हिदायत दी कि शत-प्रतिशत स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित कराया जाए। जिस पर सीएमओ ने अवगत कराया कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम होने के कारण सभी स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह में कम से कम बीस स्कूलों का औचक निरीक्षण कर बच्चों और अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।