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Budaun News: 1987 से पहले पैदा होने वालों को आ रही दिक्कत, नहीं मिल रहे अभिलेख

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बदायूं जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत करीब 1.55 लाख मतदाताओं को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को अलग-अलग तिथियां और समय दिया गया है, ताकि वे अपने अभिलेख प्रस्तुत कर नाम सूची में बनाए रख सकें। निर्धारित समय पर दस्तावेज जमा न करने की स्थिति में मतदाता सूची से नाम कटने की चेतावनी दी गई है।
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चुनाव आयोग के निर्देश पर शनिवार को विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जहां बड़ी संख्या में लोग नोटिस लेकर पहुंचे और अपने प्रपत्रों में सुधार कराया। हालांकि, कई लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा, क्योंकि उनके पास निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। एसआईआर प्रपत्र भरते समय जिन मतदाताओं ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची से स्वयं या अपने माता-पिता की मैपिंग नहीं दर्शाई थी, उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
एसडीएम सदर मोहित कुमार ने बताया कि नोटिस प्राप्त करने वालों में वर्ष 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को आयोग की ओर से निर्धारित 13 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। वहीं, 1987 से 2003 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपना और अपने पिता का एक-एक दस्तावेज जमा करना होगा।
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इसके अलावा 2003 के बाद जन्मे मतदाताओं के लिए स्वयं के साथ-साथ माता और पिता के एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत 1987 से पहले पैदा होने वाले लोगों को आ रही है।


क्या बोले लोग
शहर के मोहल्ला शिवपुरम निवासी मुनेंद्र पाल सिंह का कहना है कि वह कक्षा पांच तक पढ़े हैं, और एक प्राइवेट कंपनी में चौकीदार के पद पर काम करते हैं। उनके नाम पर कोई मकान और जमीन नहीं है। ऐसे में उनको काफी दिक्कत हो रही है। वहीं सोथा निवासी असरफ खां का कहना है कि समझ में नहीं आ रहा है। यह कागज कहां से लगाए। वर्ष 2003 में वोट था। मेरे पास आधार कार्ड है, लेकिन केवल आधार कार्ड से काम नहीं चल रहा है। बहुत परेशान हूं।

मैपिंग के लिए यह दस्तावेज हैं जरूरी

- किसी भी केंद्र व राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में नियमित कर्मचारी, पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
- एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंकों, डाकघर, एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम से जारी कोई भी पहचानपत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज।

- सक्षम प्राधिकारी से जारी जन्म प्रमाणपत्र।

- भारतीय पासपोर्ट

- मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालयों की जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाणपत्र

- सक्षम राज्य प्राधिकारी से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र

- वन अधिकार प्रमाणपत्र

- सक्षम प्राधिकारी से जारी ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र

- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की नकल

- राज्य, स्थानीय प्राधिकारियों से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर

- सरकार से जारी कोई भी भूमि, मकान आवंटन प्रमाणपत्र।

- आधार कार्ड के संबंध में आयोग के पत्र दिनांक 9 सितंबर 2025 से जारी निर्देश लागू होंगे।

-एक जुलाई 2025 के संंदर्भ में बिहार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के निर्वाचन नामावली का अंश


विशेष अभियान दिवस पर डीईओ ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण

बदायूं। डीएम अवनीश राय ने शनिवार को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आयोजित विशेष अभियान दिवस पर कुंवर रूकुम सिंह वैदिक इंटर कॉलेज बदायूं, प्राथमिक विद्यालय जाजपुर, जरौली सदर तहसील आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन छह मार्च 2026 को किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान प्रारूप 6, 7, 8 व अन्य प्रारूपों की स्थिति को जाना व संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश व मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि आलेख्य प्रकाशित निर्वाचक नामावली व विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दौरान साप्ताहिक दावे, आपत्तियों का विवरण एनआईसी बदायूं की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। इस अवसर पर एडीएम एफआर डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम सदर मोहित कुमार मौजूद रहे। संवाद
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