मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल चालक राजकुमार। संवाद
बदायूं। मेंथा आयल फैक्टरी में आग लगी तो हाइड्रोजन सिलेंडर से लदा ट्रक लेकर हरियाणा का चालक अंदर था। रात नौ बजे के बाद जब तेज आंधी आई तो वह आग में घिरा गया। उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। किसी तरह वह ट्रक से निकलकर दीवार पर चढ़ा और वहां से खेत में कूदकर अपनी जान बचाई।
हरियाणा के करनाल निवास राजकुमार ने बताया कि चार दिन पहले वह राजस्थान के कोटा से ट्रक में 116 हाइड्रोजन सिलेंडर लेकर मेंथा फैक्टरी पहुंचा था। वहां हर दिन कुछ-कुछ सिलेंडर उतारे जा रहे थे। चौथे दिन यानि बुधवार रात को सभी सिलेंडर उतार दिए गए थे। रात 9 बजे के बाद तेज आंधी आई। इसके कुछ देर बाद फैक्टरी के अंदर पड़े ड्रम में आग लग गई। इससे बाद ब्लास्ट होने लगे तो वह खुद को बचाने के लिए फैक्टरी के अंदर चारों तरफ भागे। सभी तरफ आग ही आग थी। चालक को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। फिर कुछ मिनटों बाद वह ट्रक के ऊपर चढ़ गया। उसी के रास्ते से दीवार में चढ़ा और फिर पीछे खेत की तरफ कूद गए। दीवार करीब छह फीट ऊंची थी। शकील का कहना है कि जब वह कूदे तो लगा कि कई हड्डियां टूट गई। वह खड़े होने का प्रयास किया तो गिर गए। वह घिसटते हुए गंदे पानी और कीचड़ से होते हुए बदायूं-दिल्ली हाईवे पर पहुंचे। वहां खड़े बाइक सवार दो युवकों से मदद की गुहार लगाई। उन युवकों ने एंबुलेंस को फोन किया तो उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। डॉक्टर ने बताया कि दाएं पैर में पंजे के ऊपर फ्रैक्चर हो गया है। वहीं बाएं पैर में सूजन ज्यादा है।
गिर गया मोबाइल, परिवार से नहीं हो पा रहा संपर्क
राजकुमार ने बताया कि घटना के दौरान उनका मोबाइल गिर गया। घटना से पहले परिवार वालों से बात हुई थी, जल्द घर जाने की बात कही थी। इसके बाद से उनसे बात नहीं हो सका। बताया कि घरवालों का नंबर भी याद नहीं है। ट्रक मालिक से भी संपर्क नहीं हो पा रहा।