महालेखाकर निरीक्षण दल की ओर दी जा रही जानकारी। स्त्रोत स्वंय
बदायूं। कार्यालय महालेखाकार प्रथम, इलाहाबाद के निरीक्षण दल द्वारा अनुदानों के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्रों में पाई जा रही विसंगतियों के निराकरण एवं लेखा से संबंधित अन्य प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिला पंचायत कार्यालय में आहरण एवं वितरण अधिकारियों तथा उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बैठक के दौरान निरीक्षण दल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी आहरण एवं वितरण अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के समस्त देयकों का भुगतान समय से किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने भुगतान से संबंधित अभिलेखों और रसीदों का नियमित रूप से मिलान किए जाने पर भी विशेष जोर दिया।
निरीक्षण दल ने बताया कि डबल लॉक में सुरक्षित रखी गई समस्त सामग्री का शासनादेश के अनुरूप मई माह में अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके साथ ही महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान भी निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित कर्मियों को समयबद्ध रूप से किए जाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी विकास चौधरी ने निरीक्षण दल के सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि किसी भी आहरण एवं वितरण अधिकारी को यदि लेखा या भुगतान से संबंधित किसी प्रकार की कठिनाई आती है तो वे उसे निःसंकोच निरीक्षण दल के समक्ष रखें, ताकि उसका त्वरित समाधान किया जा सके।
बैठक में निरीक्षण दल के सदस्य जेएस सोढी, नंदकिशोर यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी विकास चौधरी सहित जनपद के समस्त आहरण एवं वितरण अधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।