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Budaun News: जिला अस्पताल में नहीं हीमोफीलिया का इलाज... दिल्ली रेफर किए जा रहे मरीज

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बदायूं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया का इलाज ही नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। एक साल में करीब 26 मरीजों को जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज से दिल्ली रेफर किया जा चुका है। इस बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण मरीजों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दो माह पहले गांव किसरुआ एक व्यक्ति ने समाधान दिवस में इलाज के लिए इंजेक्शन व फैक्टर उपलब्ध न होने की शिकायत की थी।
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जिले भर से हीमोफीलिया के मरीज इंजेक्शन और फैक्टर के लिए जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज आते हैं, लेकिन दोनों ही जगह न तो फैक्टर उपलब्ध हैं न ही उसे चढ़ाने की व्यवस्था है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। हीमोफीलिया का इलाज बहुत महंगा है। लिहाजा रोगियों को इसे जारी रखना मुश्किल हो जाता है।
मूसाझाग क्षेत्र के गांव किसरुआ के मरीज ने जिला अस्पताल में इंजेक्शन व फैक्टर उपलब्ध कराने की गुहार समाधान दिवस में लगाई थी, लेकिन उसे इलाज नहीं मिल सका। हीमोफीलिया के जिले में अब तक 26 मरीज सामने आ चुके हैं।
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ब्लड से निकाला जाता है फैक्टर
हीमोफीलिया के मरीजों को चढ़ाने के लिए ब्लड से फैक्टर निकाला जाता है। हीमोफीलिया ए के मरीज को फैक्टर सात, हीमोफीलिया बी के मरीज को फैक्टर आठ और हीमोफीलिया सी के मरीज को फैक्टर नौ चढ़ाया जाता है।

सप्ताह में एक बार होती है फैक्टर की जरूरत
हीमोफीलिया के मरीज को जब फैक्टर शुरू किया जाता है तो उसको हर सप्ताह इसकी जरूरत होती है। एक बार फैक्टर चढ़वाने का खर्चा 10 से 12 हजार रुपया आता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलने पर अधिकांश मरीज इलाज ही नहीं करा पाते हैं।

रक्तस्राव होने पर फैक्टर चढ़ाना आवश्यक
हीमोफीलिया के मरीज को अकारण ही रक्तस्राव होने लगता है। रक्तस्राव तब तक बंद नहीं होता जब तक मरीज को फैक्टर न चढ़ाया जाए। फैक्टर न मिलने पर मरीज की मौत भी हो सकती है।

वर्जन -
जिला अस्पताल में हीमोफीलिया के मरीज आते हैं लेकिन हमारे पास इस बीमारी का इलाज ही नहीं है। मरीजों को दिल्ली रेफर किया जाता है। जिले में करीब 25 मरीज हीमोफीलिया के हैं। जिला अस्पताल में न तो इस बीमारी की दवा है न ही डॉक्टर। मरीजों का डाटा भी जिला अस्पताल नहीं रखता है। - डॉ. कप्तान सिंह सीएमएस जिला अस्पताल
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