आयुष्मान कार्ड बनाते कर्मचारी। स्वास्थ विभाग
बदायूं। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी जिले में बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त इलाज नहीं मिल पा रहा। कार्ड में नाम व पता की गलतियों के चलते इन्हें भटकना पड़ रहा है। रोजाना 100-150 शिकायतें आ रही हैं।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले में 4.83 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। बाद में सरकार ने उज्ज्वला योजना, अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ ले रहे लोगों को भी आयुष्मान कार्ड से पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की श्रेणी में शामिल कर लिया। राशन कार्ड में छह सदस्य वाले परिवारों को भी लाभार्थियों की श्रेणी शामिल किया गया। इन सभी को मिलाकर 10,96,184 लोगों के कार्ड बनाने का लक्ष्य हो गया। अब तक 6,78,992 लोगों के कार्ड बन चुके हैं। इनमें 25 हजार से ज्यादा आयुष्मान कार्डों में गड़बड़ियां मिली हैं।
प्रदेश में जिला 43वें स्थान पर, लाभ के मामले में 38वां पायदान
प्रदेश के 75 जिलों में बदायूं की स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। पात्रों को आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में बदायूं प्रदेश में 43वें स्थान पर है। योजना के तहत अब तक जिले में 2200 से ज्यादा कार्ड धारकों को 8,93486 रुपये के मुफ्त इलाज मिल चुका है। कार्ड धारकों के निशुल्क इलाज के मामले में जिला प्रदेश में 38वें स्थान पर है।
नाम-पता सही कराने को हेल्पडेस्क पर करें संपर्क
जिला कार्यक्रम समन्वयक नितिन वर्मा ने बताया कि जिन लोगों ने शुरुआत में आयुष्मान कार्ड बनवाए थे। उनमें काफी संख्या में आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेजों में नाम या अन्य भिन्नता की शिकायत आ रही हैं। ऐसे कार्ड धारकों की संख्या करीब 25 हजार है। इन कार्ड धारकों को कार्ड होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा। कुछ मामलों में खामियों को दूर कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। सीएमओ कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।