2012 में 18 फीसद वोट ले उड़े थे निर्दलीय और छोटे-मोटे दलों के प्रत्याशी
जिले की छह में से चार सीटों पर बदल गए थे चुनावी समीकरण
इस बार भी तादाद अच्छी-खासी, कुल 72 प्रत्याशी हैं मैदान में
विधानसभा चुनाव के लिए किलाबंदी करने में मशगूल प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का खेल निर्दलीय और छोटे-मोटे दलों के प्रत्याशी एक बार फिर बिगाड़ सकते हैं। 2012 के चुनाव में जिले भर की छह सीटों पर ये वोटकटवा कुल मिलाकर 18 फीसद वोट ले उड़े थे और चार सीटों पर कई प्रमुख प्रत्याशियों की जीत के समीकरण बनते-बनते दरक गए थे। इस बार फिर छह सीटों के लिए 72 प्रत्याशी मैदान में हैं। वोट काटने वाले प्रत्याशी सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ाए हुए हैं।
विधानसभा चुनाव 2012 में छह सीटों पर कुल 80 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इस तरह सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के अलावा 56 प्रत्याशी वोट काटने वाले थे। वोटकटवा प्रत्याशियों ने चुनाव के नतीजों पर सबसे ज्यादा असर दातागंज, शेखूपुर, सहसवान, बिल्सी और बदायूं में डाला था। इस चुनाव में जिले की छह सीटों पर करीब 12.17 लाख मतदाताओं ने मतदान किया था। इसमें से करीब 2,07,517 वोट महान दल और रापद के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में चले गए जो कुल मतदान का करीब 18 फीसदी वोट थे। इस वजह से जिले की सभी सीटों के चुनाव परिणाम प्रभावित हुए थे। इस बार विधानसभा चुनाव में छोटे-मोटे दलों की तादाद हालांकि कम है लेकिन सभी राजनीतिक दलों में हुई बगावत के चलते चुनाव के लिए नामांकन कराने वाले निर्दलीय प्रत्याशी प्रमुख राजनीतिक दलों की धड़कन बढ़ाए हुए हैं।
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2012 : इस तरह कुतरे गए जीत के समीकरण
विधानसभा क्षेत्र छोटे दल/निर्दलीय
बिसौली 12433
सहसवान 66515
बिल्सी 31657
बदायूं 26327
शेखूपुर 25405
दातागंज 44880