बदायूं। गंगा की कटरी के इलाके में पर्यटन को बढ़ावा और वन्य जीव-जंतुओं को संरक्षण प्रदान करने के लिए निर्माणाधीन बायोडायवर्सिटी पार्क अभी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। निर्माण कार्य अक्तूबर 2025 तक पूरा किया जाना है, लेकिन काम की रफ्तार को देखकर ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा।अभी महज 40 फीसदी काम ही पूरा हो सका है।
केंद्र सरकार ने गंगा से जुड़े इलाके में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जीव-जंतुओं के संरक्षण और इलाके को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मंजूरी प्रदान की थी। यहां पर जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) पार्क बनाने की कार्ययोजना बनाई। इसके लिए कछला के दहेमू में 50.30 हेक्टेयर जमीन का चयन किया गया। साथ ही शासन से इसको बनाने के लिए 6.64 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
इसके बाद 2023 में यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। पार्क के बन जाने का सबसे ज्यादा फायदा उन प्रजातियों को मिलेगा, जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। क्योंकि गंगा के तटवर्ती मैदानी इलाकों में जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की आनुवंशिक विविधता, प्रजाति विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र विविधता का यहां पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। पार्क स्थापना के बाद बदायूं में विलुप्त होने के कगार पर पहुंचीं कई प्रजातियों को संरक्षण आसानी से मिल सकेगा। अभी यहां नर्सरी, वाटर लिली पार्क बनाया जा रहा है।
बारिश की वजह से काम हुआ प्रभावित
जिले में हो रही बारिश का असर भी बायोडायवर्सिटी पार्क के काम पर देखने को मिल रहा है। विभाग के अनुसार, बारिश का समय निकल जाने के बाद तेजी से यहां पर काम शुरू करा दिया जाएगा। विभाग उम्मीद जता रहा है कि समय से यह काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन मौजूदा स्थिति अभी अलग लग रही है।
बायोडायवर्सिटी पार्क में होंगे दो जोन
बायोडायवर्सिटी पार्क में दो जोन होंगे। एक विजिटर्स यानी अतिथि जोन और एक नेचर कंजर्वेशन यानी प्रकृति संरक्षण जोन बनाया जाएगा। विजिटर्स जोन में पार्किंग स्थल, पर्यटकों के ठहरने, घूमने समेत अन्य व्यवस्थाएं आदि को शामिल किया जाएगा। वहीं नेचर कन्वर्सेशन जोन गंगा के मैदानी इलाकों में पाई जाने वाली वनस्पतियों, जीव जंतुओं के लिए आरक्षित रहेगा। बायोडायवर्सिटी पार्क को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पार्क गंगा के मैदानी इलाकों में जैव विविधता जीवन और विविधता के लिहाज से बेहद उपयोगी साबित होगा।
दहेमू में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जा रहा है। बारिश की वजह से काम रुक-रुककर चल रहा है। बारिश का सीजन खत्म होने के बाद काम को तेजी से शुरू करा दिया जाएगा। -प्रदीप कुमार वर्मा, डीएफओ