बदायूं। जिले में पांच हजार से ज्यादा पेंशन धारक परेशान हैं। किसी का आधार प्रमाणित नहीं हो रहा है तो किसी का केवाईसी के दौरान दोबारा आवेदन हो गया है। इससे उनकी पेंशन रुक गई है। ऊपर से विभागीय वेबसाइट भी धोखा दे रही है। पेंशन धारकों की शिकायत के बावजूद उनके खातों में संशोधन नहीं हो रहा है। पेंशन धारक लगातार विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पेंशन नहीं मिल पा रही है।
जिले में 20250 दिव्यागों की पेंशन स्वीकृत है। इनमें से 18700 को ही पेंशन मिल रही है बाकी 1550 दिव्यांगों को आधार प्रमाणित न होने या खाते में त्रुटि की वजह से पेंशन नहीं मिल रही। वे लंबे समय से विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनके खातों में संशोधन नहीं हो पा रहा है। चार माह से विभागीय वेबसाइट भी नहीं चल रही है।
इस तरह करीब तीन हजार लोगों की वृद्धावस्था पेंशन अटकी हुई है। पिछले दिनों अभियान चलाकर केवाईसी कराई गई थी। कुछ जनसेवा केंद्रों पर केवाईसी कराने के दौरान दोबारा आवेदन कर दिए गए, इससे लगातार आ रही पेंशन भी रुक गई।
अब विभागीय वेबसाइट पर दूसरा आवेदन निरस्त नहीं हो रहा है। इससे भी करीब एक हजार से ज्यादा वृद्धों की पेंशन रुक गई। इस परेशानी से करीब दो हजार विधवा महिलाएं भी जूझ रहीं हैं। उनको भी पेंशन नहीं मिल रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी वेबसाइट पर काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद आवेदनों में संशोधन कराया जाएगा।
72 हजार किसानों को नहीं मिल रही सम्मान निधि
- पेंशन धारक ही नहीं करीब 72 हजार किसान भी परेशान हैं। जिले में कुल साढ़े चार लाख किसान पंजीकृत हैं। इनमें एक लाख 61 हजार किसानों को 13वीं किस्त मिल चुकी है, जबकि 72 हजार किसानों की सम्मान निधि अटकी हुई है। उनमें किसी का आधार प्रमाणित नहीं बताया जा रहा तो किसी के आधार कार्ड में संशोधन बताकर सम्मान निधि रुक गई है।
- अगर किसी पात्र को पेंशन या सम्मान निधि नहीं मिल रही है तो वह अपनी समस्या लिखकर शिकायत कर सकता है। वह शिकायती पत्र दे, जिससे उस पर काम कराया जा सके। - मनोज कुमार, डीएम