बदायूं। जिले में शनिवार को शीत लहर ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह से ही ठंडी हवा चलती रही, जिससे ठिठुरन बनी रही। दिन में कुछ देर के लिए हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन तेज हवा के कारण उससे कोई खास राहत नहीं मिल सकी। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को ठंड और बढ़ गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहा। लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे और बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को अधिकतम 18 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस था। तापमान में आई गिरावट और लगातार चल रही हवा से गलन और बढ़ गई। सुबह आसमान में बादल छाए रहे और सूर्य के दर्शन बहुत कम हुए। इससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अधिक परेशानी हुई। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी ठंड में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने तीन दिन और ठंड और बढ़ने और शीत लहर जारी रहने की चेतावनी दी है।
बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
कड़ाके की ठंड का सीधा असर बाजारों पर भी पड़ा। सामान्य दिनों की तुलना में दुकानों पर ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। कपड़ा, जूता और सब्जी बाजारों में दिनभर सुस्ती छाई रही। दुकानदार महेश ने अलाव जलाकर बैठे रहे और ग्राहक आने का इंतजार करते दिखे। कई व्यापारियों ने बताया कि ठंड बढ़ते ही लोग जरूरी खरीदारी भी टाल रहे हैं। इससे रोजमर्रा की बिक्री प्रभावित हो रही है। शाम होते-होते ठंड और बढ़ने से बाजार और जल्दी बंद हो गए। व्यापारियों को उम्मीद है कि मौसम सुधरने पर ही रौनक लौट पाएगी।
ठंड में रोडवेज का इंतजार करते रहे लोग, सवारियां कम होने से नहीं चली बसें
सुबह से ही बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर लोग ठंड में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करते नजर आए। सवारियां कम होने के कारण कई रोडवेज बसें समय पर नहीं चलीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ी। कुछ लोग निजी वाहनों या ई-रिक्शा से महंगे किराये पर जाने को मजबूर हुए। यात्रियों का कहना है कि ठंड में इंतजार करना मुश्किल हो जाता है, ऊपर से बसें न चलने से परेशानी और बढ़ जाती है।
शहर में जगह-जगह जले अलाव
कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए शहर में जगह-जगह अलाव जलाए गए। चौराहों, बाजारों और बस स्टैंड पर लोग अलाव के पास जमा होकर खुद को गर्म करते नजर आए। नगर पालिका की ओर से कुछ प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई, लेकिन कई इलाकों में लोगों ने खुद लकड़ी और कचरा जलाकर आग तापी। हालांकि कुछ स्थानों पर अलाव की व्यवस्था न होने से लोग ठंड में ही रात बिताने को मजबूर हुए।
फसलों पर पाले का खतरा बढ़ा
शीतलहर का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ रहा है। पाले का खतरा बढ़ गया है। किसान सुबह-सुबह खेतों में जाकर फसलों की हालत देखने पहुंच रहे हैं। सब्जी और आलू की फसल को अधिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि ठंड इसी तरह बढ़ती रही तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कई किसान फसलों को पाले से बचाने के लिए सिंचाई और धुआं करने जैसे उपाय कर रहे हैं, लेकिन ठंड की मार से चिंता बनी हुई है।