बदायूं। चार साल के इंतजार के बाद आखिरकार जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू हो गई है। अब जिला अस्पताल से ही मरीजों को प्लेटलेट्स व प्लाज्मा मिलेगा। इसके लिए दूसरे जनपदों की दौड़ नहीं लगानी होगी। जिले के लिए यह बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
करीब दो महीने पहले ही शासन से ब्लड सेपरेशन यूनिट संचालन का लाइसेंस मिल गया था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मशीनों व अन्य कमियों को पूरा किया जा रहा था। इसके बाद उद्घाटन को लेकर रस्साकसी चलती रही। 26 जनवरी को ब्लड सेपरेशन यूनिट को शुरू कर दिया गया। अब यूनिट से प्लेटलेट्स व प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। जो लोग बरेली, दिल्ली जाकर इलाज नहीं करा सकते उनके लिए ब्लड सेपरेशन यूनिट वरदान साबित होगी। यहां लोगों को निशुल्क प्लेटलेट्स व प्लाज्मा की सुविधा मिलेगी।
2021 में शुरू हुआ था ब्लड सेपरेशन यूनिट बनाने का काम
2019 में जिला डेंगू के मामले में प्रदेश में पहले नंबर पर रहा। डेंगू का प्रकोप फैला ताे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों पर भी गाज गिरी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 2020 में सतर्कता दिखाई तो डेंगू का प्रकोप कुछ कम हुआ, लेकिन मरने वालों की संख्या सैकड़ों में रही। सामने आया कि मरीजों की मौत प्लेटलेट्स व प्लाज्मा मिलने में देरी की वजह से हो रही है। इसके बाद जिला अस्पताल में 2021 में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (बीसीएसयू) बनाने का काम शुरू हुआ था। इसके लिए 50 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कराया गया व मशीनें लगवाई गईं। यहां तक कि संचालन से पहले ही स्टाफ को भी प्रशिक्षित कर तैयार कर लिया गया। इसके बाद लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था।
दो लैब टेक्नीशियन किए गए हैं प्रशिक्षित
ब्लड बैंक में तैनात लैब टेक्नीशियन मृत्युंजय चौधरी व सहरोज खान को ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (बीसीएसयू) का प्रशिक्षण देकर तैयार किया है। दोनों ही कर्मचारी अब यूनिट में लगीं मशीनों के सहयोग से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा व आरबीसी निकालने का काम करेंगे। अब ब्लड का पूरा उपयोग हो सकेगा।
डेंगू, मलेरिया व जले हुए मरीजों को मिलेगा लाभ
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 450 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 10 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। अभी तक यहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट न होने के कारण एक यूनिट ब्लड एक मरीज के ही काम आता था। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने के बाद में रक्त की एक यूनिट को चार अलग-अलग पार्ट में बांटा जा सकेगा। इसके बाद जरूरतमंदों को रक्त के जरूरी तत्व ही दिए जाएंगे। जिला अस्पताल में डेंगू, मलेरिया, आग से जलने, घायल आदि के पीड़ितों के मामले बड़ी संख्या में आते हैं। इनमें कई को प्लाज्मा व प्लेटलेट्स आदि चढ़ाने की जरूरत रहती है। ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू होने से उन्हें अस्पताल में इसकी सुविधा मिल सकेगी।
जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू हो गई है। अब किसी मरीज को प्लेटलेट्स व प्लाज्मा आदि के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों को जिला अस्पताल में ही सुविधा मिलेगी।
-डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल