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उधास की स्वर लहरियों  पर डूबते- उतराते रहे श्रोता

Sat, 05 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। 
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स्मृति वंदन महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
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चिट्ठी आई है... गीत पर खड़े होकर बजाई तालियां
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शुक्रवार को पंकज उधास नाइट में उमड़ी भारी भीड़
मशहूर शायर शकील बदायूंनी और कवि डॉ. बृजेंद्र अवस्थी की सरजमीं पर आए प्रख्यात गजलकार पंकज उधास का दो घंटे का मेगा शो हिट रहा। स्मृति वंदन महोत्सव- 2016 की ओर से यूनियन क्लब में आयोजित पंकज उधास नाइट में उन्हें देखने- सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। जब उधास ने अपने दिलकश अंदाज में एक के बाद अपनी लोकप्रिय गजलें पेश कीं, तो श्रोता झूम उठे। ऑन डिमांड पेश किए गए उनके सुपरहिट फिल्मी गीत.. चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है... पर तो श्रोताओं ने खड़े होकर तालियां बजाईं। 
शुक्रवार रात को तय समय से करीब ढाई घंटे देर से कार्यक्रम शुरू हुआ। पंकज उधास के पहुंचते ही वहां मौजूद दर्शकों ने उनका तालियां बजाकर स्वागत किया। काले रंग की शेरवानी पहने उधास जब मंच पर पहुंचे तो उनकी तस्वीर को अपने मोबाइल में कैद करने की होड़ सी लग गई। जब गजलों का दौर शुरू हुआ तो श्रोता वाह- वाह करने से खुद को रोक नहीं सके। एक के बाद एक फरमाइश होती रहीं। गीत-गजलों से सजी शाम में सुधी श्रोता डूबते-उतराते रहे। जब उधास ने बड़ी महंगी हुई शराब थोड़ी- थोड़ी पिया करो... गजल सुनाई तो एक खास वर्ग के श्रोताओं ने उसका भरपूर लुत्फ उठाया।
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उधास ने प्यार का पहला, इश्क का दूसरा और मुहब्बत का तीसरा लफ्ज अधूरा है..., चांदी जैसा रंग है तेरा है सोने जैसे बाल..., न कजरे की धार, ना मोतियों के हार..., आज फिर तुम पर प्यार आया है... जैसी लोकप्रिय गजलें सुनाईं तो श्रोता झूम उठेे। समापन ...घुंघरू टूट गए, गजल के साथ हो गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा, सीडीओ अच्छेलाल सिंह यादव, एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, खालिद परवेज, भानुप्रकाश भानु, अनुपम गुप्ता, अमित यादव, संजीव गुप्ता आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
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...और खुद को रोक नहीं सके
बदायूं। काव्य रसिक डीएम पवन कुमार भी खुद को फरमाइश करने से रोक नहीं सके। उनकी डिमांड पर उधास ने दर्द की बारिश सही मद्धम, जरा आहिस्ता चल... गजल सुनाई। उनके साथ एसएसपी महेंद्र कुमार समेत अधिकांश अधिकारियों ने मय परिवार गीत- गजलों का आनंद लिया।
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