फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नई पंचायतों को नहीं मिला शौचालयों के लिए धन

Fri, 26 Feb 2016 07:55 PM IST
बदायूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में शौचालयों का निर्माण सबसे अहम माना जाता रहा है। जिले में गतवर्ष 5133 शौचालयों का निर्माण अभी भी जारी है। इस वर्ष चुनी गई ग्राम पंचायतों को अभी तक शौचालयों का धन नहीं मिला है। समग्र गांव चुने जाने के बाद ही उन समग्र गांवों को शौचालयों से पूर्व की तरह पहले संतृप्त किया जाएगा। इसलिए पहले समग्र गांवों का चयन किया जाना है।
विज्ञापन

जिले में गत वर्ष 885 ग्राम पंचायतें रहीं है और अब नए परिसीमन में चुनाव के बाद 1038 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। इन ग्राम पंचायतों में भारत स्वच्छता अभियान के तहत शौचालयों को अभी धन नहीं मिल सका है। पुरानी ग्राम पंचायतों में 31 ग्राम पंचायतें समग्र गांव में चुनी गई थीं। शासन के निर्देश पर इन्हीं ग्राम पंचायतों को शौचालयों से संतृप्त किए जाने के निर्देश थे। इन्हीं निर्देशों के तहत इन गांवों में 5133 शौचालयों का निर्माण मंजूर हुआ। इनका निर्माण अभी भी जारी है। पंचायतों के नवगठन के बाद से जहां विकास कार्यों के लिए 14वें वित्त का धन प्राप्त हो चुका है, वहीं ग्राम पंचायतों में शौचालयों को धन की कोई जिक्र तक नहीं है। बताया जाता है कि नेट पर फीडिंग के हिसाब से स्वत: ही शौचालयों को धन देने की व्यवस्था हो गई है। पिछले शौचालयों का निर्माण पूरा हो जाने के बाद नए गांवों को शौचालयों को धन दिया जाना है। माना जा रहा है कि समग्र गांवों का चयन होने के बाद ही शोचालयों के निर्माण को धन का उपयोग करने को कहा जाएगा। अबतक समग्र गांवों को ही शौचालयों को लाभ दिया जाता रहा है।

अगले वित्तीय वर्ष को चयनित होने हैं समग्र गांव
अगले वित्तीय वर्ष से पूर्व इसी सवा महीने में समग्र गांवों का चयन हो सकता है। गत वर्ष 31 समग्र गांव चयनित किए गए थे। उस समय कम ग्राम पंचायतें थीं अब ग्राम पंचायतों की संख्या 153 अधिक है। इसलिए पहले से अधिक समग्र गांव चयन किए जा सकते हैं। जिला स्तर के अधिकारी इसके लिए शासन के निर्देशों का इंतजार करेंगे। बाद में सर्वे के आधार पर शौचालयों के लाभार्थियों का चयन होगा।
विज्ञापन


शौचालय निर्माण में नहीं लिया जाता लाभार्थी अंश
दो वर्ष पूर्व शौचालय निर्माण में लाभार्थियों से भी 900 रुपये अंशदान लिया जाता था। गत वर्ष से लाभार्थियों से अंशदान नहीं लिया जा रहा है। लाभार्थी को अंशदान से मुक्त कर दिया गया है। पिछले वर्ष के 5133 शौचालयों में भी पंचायतराज विभाग की शौचालय निर्माण देखने वाली ईकाई ने अंशदान नहीं लिया है।

शौचालयों के निर्माण के लिए अभी धन नहीं मिला है। नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ होने में अभी सवा महीने का समय है। पिछले शौचालयों की रिपोर्ट नेट पर अपलोड की जा रही है। जल्दी ही शौचालयों को धन मिल जाएगा। तब तक समग्र गांवों का चयन भी कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

- राजेश यादव, डीपीआरओ, बदायूं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें