लू के सामने बचाव के तरीके हुए फेल
दिनों दिन चढ़ रहे सूरज के तेवर और तीखे होते जा रहे है। सूरज से बरस रही आग की वजह से तापमान 42 डिग्री पर पहुंचने लगा है। पारा चढ़ने की वजह से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल होने लगा है। ऐसे में न सिर्फ इंसान बल्कि पशु पक्षी भी बेहाल होने लगे हैं। दोपहर में चलने वाली लू लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। गर्मी की चपेट में आने से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। निजी अस्पतालों में लगी भीड़ इसकी गवाही दे रही है।
बुधवार को सुबह नौ बजे के बाद से ही पारा करीब 40 डिग्री पर पहुंच गया। कुछ घंटों बाद पारे में दो डिग्री की और बढ़ोतरी हो गई। चिलचिलाती धूप के साथ लू चलने लगी तो लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। ऐसी गर्मी में सीलिंग और टेबिल फैन के साथ ही कूलरों से भी खास राहत नहीं मिली। एसी भी खास ठंडक नहीं पहुंचा सके। ऐसे में लोगों को एक बार फिर पीपल, पाकड़, बरगद, नीम आदि घने छायादार पेड़ों की शरण में पहुंचना पड़ा। साथ ही तपती धूप में घरों से निकलने वाले राहगीर खुद को सूती गमछा आदि से ढककर ही निकले।
धूप की तेजी देखकर इंसानों के साथ ही पशु पक्षी भी छांव और पानी तलाशते नजर आए। शहर में प्यासे घूम रहे प्यासे जानवर खराब पड़े सरकारी हैंडपंपों के पास पानी की तलाश में लगे रहे। वहीं चिड़ियां भी खुद को गर्मी से बचाने के लिए हैंडपंपों के पास फैले पानी में डुबकी लगाती हुईं नजर आईं।
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डॉक्टर की सलाह
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. हरपाल सिंह का कहना है कि इस गर्मी में बचाव के लिए शरीर को सूती कपड़े से ढककर निकलें। पानी और अन्य पेय पदार्थों का सेवन खूब करें। ओआरएस का घोल पिएं। उल्टियां या दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। चिलचिलाती धूप में निकलने से परहेज करें। धूप से आने के बाद ठंडा पानी न पिएं।
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खूब बिक रहा बेल का शर्बत और शिकंजी
बदायूं। भीषण गर्मी में लोग शीतल पेय का खूब प्रयोग कर रहे हैं। इस बार कोल्ड्रिंक के साथ ही लस्सी, शिकंजी, बेल का शर्बत, गन्ने का रस आदि की बिक्री भी खूब हो रही है। शहर में महाराणा प्रताप चौराहा के पास, एसपी ऑफिस के पास, लावेला चौराहा के इर्द-गिर्द, पुलिस लाइंस चौराहा के पास आदि स्थानों पर बेल का शर्बत, शिकंजी और गन्ने का रस खूब बिक रहा है।