अभिभावक और शिक्षक कर रहे स्कूलाों की छुट्टी की मांग
पहाड़ों पर पड़ रही वर्फ के कारण मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। बढ़ी सर्दी का सबसे अधिक असर देहात से शहर पढ़ने आने वाले छात्रों को हो रहा है। कोहरा होने से साइकिल या बस आदि से स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की पूरी संभावनाएं बनी हुईं हैं।
सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश खत्म होने की वजह से शिक्षक भी परेशान हैं।
हालांकि दोपहर में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन शाम होते-होते पारा गिरने लगता है। सबसे ज्यादा परेशानी देहात क्षेत्र के स्कूली बच्चों को हो रही है जो जिनके पास सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े तक नहीं होते हैं। ऐसे बच्चे सिर्फ शर्ट और पेंट में ही स्कूल आ रहे हैं। तमाम स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों ने स्कूचलों के खुलने का समय बढ़ाने की भी मांग की है लेकिन अभी विभागीय अधिकारियों और स्कूल मैंनेजमेंट द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में बच्चे जमीन पर बिछी दरी पर बैठते हैं, साथ ही ज्यादातर स्कूलों के भवन जर्जर हैं, जिसकी वजह से बच्चों को स्कूल के समय ठंड लगने की आशंका बनी रहती है। बच्चों का हित समझते हुए जल्द स्कूलों का अवकाश घोषित किया जाए। बीएसए, आनंद प्रकाश शर्मा अभी विद्यालयों के अवकाश के संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है। शिक्षकों को निर्देश हैं कि सभी समय से स्कूल में उपस्थित रहें, ताकि ठंड में पढ़ने आने वाले बच्चों को कोई परेशानी न हो। स्कूलों में सुबह 8:45 बजे तक प्रार्थना शुरू हो जानी चाहिए। शिक्षकों को सवा तीन बजे तक स्कूल में रुकना होगा।