उझानी। इंटरमीडिएट में फेल हो जाने के अगले दिन ही आकाश घर छोड़कर चला गया था। 12वें दिन बृहस्पतिवार को उसने नए सिम से घरवालों को अपने सकुशल होने की खबर दी। घर लौटकर उसने कोतवाली पुलिस के सामने फेल होने पर घर से भागने की बात स्वीकार की।
छात्र आकाश कोतवाली क्षेत्र के गांव पीरवट्टू निवासी सत्यवीर का पुत्र है। 21 अप्रैल को वह लापता हो गया था। पिता समेत रिश्तेदारों ने अगले दिन ही कोतवाली पुलिस को उसकी गुमशुदगी से अवगत करा दिया था। पिता सत्यवीर के मुताबिक, आकाश इंटर की बोर्ड परीक्षा में फेल हो गया था। उसके पास मोबाइल फोन भी था, जो उसने आठ-नौ दिन तक बंद रखा।
घर लौटे आकाश ने बताया कि फेल हो जाने की वजह से वह काफी परेशान था। इसके बाद वह दिल्ली के समीप दादरी पहुंचा, फिर अगले दिन ही ट्रेन से बरेली चला गया। बरेली से कछला, फिर कछला से बरेली कूच कर गया। 12 दिन तक इधर-उधर भटकता रहा। फिर परिवार वालों की चिंता हुई तो नया सिम खरीदा और पिता से बात कर घर लौट आया।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि छात्र आकाश फेल हो जाने की वजह से खुद ही लापता हो गया था। अब उसे अपनी गलती का अहसास हो गया है।
बाइक सवार दोस्त ने ली राहत की सांस
फेल हो जाने के बाद लापता छात्र को लेकर उसका बाइक सवार दोस्त उलझन में पड़ गया था। आकाश उसी की बाइक से उझानी तक आया था। दोनों ने हलवाई से समोसे खरीदकर खाए थे। जब इसका पता आकाश के परिजनों को चला तो उन्होंने उसके दोस्त पर शिकंसा कसना शुरू कर दिया। आकाश के घर लौट आने के बाद से उसके दोस्त ने भी राहत की सांस ली है।