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Budaun News: सिर पर मंडरा रहे मौत के तार...बड़ी घटना का इंतजार कर रहे जिम्मेदार

Wed, 19 Jun 2024 05:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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उसहैत के  वार्ड नंबर 11 में घर के द्वार ऐसे लगे हैं खतरे के तार। देखर निकल जाते हैं अभियंता और
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बदायूं। लखीमपुर जिले में सोमवार को जर्जर हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से बाइक सवार युवक, बहन और भांजा तीनों की जलकर मौत हो गई थी। इस बड़ी घटना के बाद भी बदायूं में अभियंता नहीं चेते हैं। बिजली लाइनों के तार शहर से लेकर गांव के गली मोहल्लों तक लटके हुए हैं। कुछ स्थानों पर खतरे के तार घर के द्वार पर ही लटके हुए हैं।
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लखीमपुर जिले के हैदराबाद थाना क्षेत्र स्थित हेमपुर गांव के पास नहर की पटरी बिजली लाइन का जर्जर तार टूट कर गिरा था। इसमें पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर निवासी बाइक सवार बबलू (21) उसकी नीमगांव निवासी बहन मंजू (28) और चार साल के भांजे अमनोल (4) की जान चली गई थी। मंगलवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता रणविजय सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कहीं खतरे के तार हैं तो तत्काल उन्हें इस स्थिति में ठीक किया जाए, जिससे हादसा न होने पाए।
जर्जर लाइनें बदलने के काम लगातार चल रहे हैं, अगर कहीं देरी हो रही है तो संबंधित अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता इसे चेक करें तथा उन्हें भी अवगत कराएं। इसके निर्देश हादसे के बाद दिए गए हैं।
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पी-12
उसहैत कस्बे के वार्ड 11 में खतरे के तार लोगों के द्वार
उसहैत के वार्ड नंबर 11 में फाॅल्ट होने पर एबीसी केबल की प्लास्टिक पिघल कर सड़क पर गिर गई। गनीमत रही मंगलवार दोपहर के समय सड़क पर कोई नहीं था, अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। यही तार पिछले वर्ष टूट कर सड़क पर गिर गया था, उस समय बिजली विभाग ने तार जोड़ कर काम चला दिया था, जहां तारों का जंजाल है वहां पर आएदिन स्पार्किंग होती है। जेई विनोद कुमार का कहना है कि तार बदलने के लिए निजी कंपनी को टेंडर हो चुका है, इस महीने के अंत तक संभवतः तार बदलने का काम शुरू हो जाएगा।

पी-23
टिकटगंज मार्केट में लटक रही बिजली लाइन से खतरा
बदायूं शहर के टिकटगंज में मार्केट है। खुले तार हटाकर एबीसी डाली गई है लेकिन काम में लापरवाही इतनी है कि तार लटके हुए हैं। किसी ट्रक को अगर दुकान के बाहर लगाएंगे तो तार टूटकर गिर सकता है। ऐसे में करंट का खतरा जान भी ले सकता है। दुकानदारों का सवाल यही है कि जब काम कराया गया तो मानकों का पालन क्यों नहीं हुआ।जांच होनी चाहिए।


एक तरफ अगर कनेक्शन लेना हो तो विद्युत सुरक्षा के नियमों का हवाला अभियंता देते हैं लेकिन खुद उनके द्वारा ऐसे लाइनें बिछाई जा रही हैं कि आवागमन में खतरा रहता है। घर के बाहर तीन महीने से घरेलू बिजली लाइन के तार लटके हुए हैं।
फरीद आलम, आरिफपुर नवादा


आएदिन फाॅल्ट होते हैं। दुकानदारों और खरीदारों की जान जोखिम में पड़ती है, लेकिन जिम्मेदार तो तभी चेत पाते हैं जब कोई हादसा हो जाए।-अभिषेक गुप्ता, टिकट गंज

उसहैत के  वार्ड नंबर 11 में घर के द्वार ऐसे लगे हैं खतरे के तार। देखर निकल जाते हैं अभियंता और

उसहैत के  वार्ड नंबर 11 में घर के द्वार ऐसे लगे हैं खतरे के तार। देखर निकल जाते हैं अभियंता और

उसहैत के  वार्ड नंबर 11 में घर के द्वार ऐसे लगे हैं खतरे के तार। देखर निकल जाते हैं अभियंता और

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