अगले सत्र में कैंप लेने के लिए किए जा रहे प्रयास
तीरंदाजी कैंप को पहले भी भेजा जा चुका है प्रस्ताव
शहर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में अगले सत्र से तीरंदाज व निशानेबाज खिलाड़ी तैयार करने की योजना है। अमलीजामा पहनाने के लिए कोच से लेकर संसाधन जुटाने की तैयारियां भी की जा रही हैं। इसके बाद स्टेडियम में खिलाड़ी दस मीटर एअर पिस्टल से निशाना लगाते और तीर से लक्ष्य के भेदते नजर आएंगे।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहे परंपरागत खेल और उनके संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी खिलाड़ियों में कोई खासा इजाफा नहीं देखा गया। लाखों खर्च कर तैयार किया गया टेनिस कोर्ट भी बेकार साबित ही रहा। इसके पीछे दो कारण रहे, एक तो इन खेलों में खिलाड़ियों की दिलचस्पी और शहर से दूरी मानी जा रही है। लिहाजा इस बार इन खेलों से हटकर खेलों की तरफ आकर्षित करने के लिए अगले सत्र में तीरंदाजी व निशानेबाजी के कैंप लगाने की योजना है। तर्क है कि तीरंदाजी का क्रेज यहां युवाओं में पहले से ही है। उझानी नगर में इस खेल का आयोजन तक होता है। वहीं निशानेबाजी को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। इन खेलों के कैंप आने से खिलाड़ियों में खेल के प्रति रूचि बढ़ना मानी जा रही है। क्रीड़ाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि तीरंदाजी के लिए पहले भी कैंप का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगी। इस बार फिर इसका कैंप मांगा जाएगा। वहीं 10 मीटर एअर पिस्टल/राइफल शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। बताया कि अगर कैंप मिलते हैं तो रेंज भी तैयार कराई जाएगी।
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स्टेडियम के जख्मों पर मरहम की तैयारी
बदायूं। वेटलिफ्टिंग की निरंतर प्रैक्टिस करने स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचने वाले खिलाड़ियों का ख्याल रखा जा रहा है। यहां क्षतिग्रस्त पड़े फर्श को ठीक कराने के साथ दीवारों की दरारों की मरम्मत भी कराई जा रही हैं। इसका कार्य भी शुरू करा दिया गया है। क्रीड़ाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि वेटलिफ्टिंग हॉल का फर्श चटका हुआ है। उसे ठीक कराने का काम किया जा रहा है। अन्य मरम्मत कार्य भी कराए जाएंगे।