उसहैत। उसहैत-म्याऊं मार्ग पर गांव नौगवां नसीर में पन्नालाल अपने खेत में मकान बना रहे थे। खेत में काफी भरान कराकर चार इंची की दीवारें बीम के सहारे खड़ी कराई थीं, लेकिन दीवारों के तीनों ओर कोई सपोर्ट नहीं थी। उन्हीं चार इंची की दीवारों के ऊपर लिंटर डाला जा रहा था। शटरिंग के साथ लिंटर पर बजरी पड़ी तो चार इंची की दीवारों पर भी दबाव पड़ा। इससे शटरिंग कमजोर होती चली गई और शटरिंग की बल्ली हटते ही हादसा होने से दो की जान चली गई।
प्रत्यक्षदर्शी गांव निवासी पवन ने बताया कि लिंटर गिरने से तेज धमाके की आवाज आई। वह मौके पर दौड़े। उस समय लिंटर डालने वाले मजदूर भाग खड़े हुए। उन्होंने देखा कि तीनों मलबे में दबे हुए हैं। कोटेदार रूपसिंह शाक्य ने बताया कि हादसे के दौरान वह वहां से गुजर रहे थे। तत्काल मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग कर मलबे से तीनों को बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने बताया कि जहां मकान बनवाया जा रहा था, उसके चारों ओर कुछ दिनों पहले काफी पानी भरा हुआ था। पन्नालाल ने मकान बनवाने के लिए काफी मिट्टी का भरान कराया था। चार इंच की दीवारें बीम के सहारे खड़ी की गई थीं। इसके बाद शटरिंग बांधी गई। शटरिंग की बल्लियां भरान की मिट्टी में गड़बड़ हुई।
हादसे की सूचना पर उसहैत थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। पुलिस और ग्रामीण मदद में जुटे। एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। अवनीश को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।
लिंटर डालने के लिए बुलाए थे 12 से ज्यादा मजदूर
पन्नालाल यादव उर्फ दलवीर पुत्र धर्मपाल सिंह यादव ने लिंटर डालने के लिए 12 से अधिक मजदूर बुलाए थे। पन्नालाल ने अपने साले अवनीश को भी देखरेख के लिए बुला लिया था। गांव ही चंद्रभान भी साथ में सहयोग कर रहा था। हादसे के बाद लिंटर डालने वाली मजदूर में एक भी मौके पर नहीं मिला।
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दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
एसडीएम विनोद कुमार ने मौके पर रहकर मलबे से तीनों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला। जब यह संतुष्टि हो गई कि अब कोई मलबे में नहीं दबा है तब ऑपरेशन बंद किया गया। इसके बाद ही एसडीआरएफ की टीम मौके से रवाना हुई।
अस्पताल में छाती पीट-पीटकर रोती रही अवनीश की मां
अवनीश की मौत की सूचना मिलने पर उसकी मां थानेश्री और पिता राजपाल अन्य रिश्तेदारों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। बेटे का शव देखकर मां की हालत बिगड़ गई। वह सड़क पर छाती पीटकर काफी देर तक रोती रही। उन्हें सांत्वना देने के लिए अन्य रिश्तेदार जुटे रहे, लेकिन मां की करुण क्रंदन ने हर किसी को झकझोर दिया।
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डीएम बोले- शटरिंग कमजोर होने की वजह से हुआ हादसा
डीएम अवनीश राय ने बताया कि शटरिंग कमजोर होने की वजह से लिंटर गिरने की बात सामने आई है। तीन लोग दबे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों को निकाला गया। हादसे में दो लोगों की मौत हुई है। हादसे के कारणों की जांच करा रहे हैं। जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनके नाम पर खतौनी है तो उन्हें आर्थिक सहयोग दिलाया जाएगा। मामले को आज दिखवाएंगे।
पोस्टमार्टम हाउस पर रोती मृतक अवनीश की मां। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर रोती मृतक अवनीश की मां। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर रोती मृतक अवनीश की मां। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर रोती मृतक अवनीश की मां। संवाद