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24 घंटे में दूसरी बार हिली धरती, कांपे लोग

Mon, 27 Apr 2015 12:00 AM IST
badaun
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जिले में रविवार को भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। 24 घंटे में दूसरी बाद धरती हिलने से लोग दहशत में आ गए हैं। दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर भूकंप के हल्के झटकों से लोग सकते में आ गए। शनिवार दोपहर भी जिले में भूकंप के झटके महसूस हुए थे। भूकंप में दीवार गिरने से कुंवरगांव के गांव बाबट में एक महिला की मौत हो गई थी और अलापुर के गांव चंदीनगला में दो बच्चे घायल हो गए थे।
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नेपाल समेत भारत के कई राज्यों में भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। बदायूं में भी भूकंप का असर दिखा। अवकाश का दिन होने की वजह से सरकारी कार्यालय बंद थे ऐसे में भगदड़ तो नहीं मची। भूकंप के झटके महसूस होने पर गली मोहल्लों के लोग घरों से बाहर गए गए। ककराला, अलापुर, बिसौली, वजीरगंज, बिल्सी में भी भूकंप के हलके झटके महसूस किए गए। इन इलाकों में भी लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।

जवाहरपुरी में दीवार गिरी
बदायूं। शहर के मोहल्ला जवाहरपुरी में रोजा के सामने वाली गली में भूकंप के झटकों से कुंवरपाल की एक दीवार गिर गई। गनीमत रही कि इससे किसी को नुकसान नहीं पहुंचा। घनी बस्ती में भूकंप के घटके महसूस होने से लोग अपने घरों से बाहर आ गए।
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दबतोरी में वृद्ध महिला घायल हुई
दबतोरी। दबतोरी चौकी क्षेत्र के गांव ललुआनगला में भूकंप के झटकों से गेहूं से भरी बोरी भूदेवी (80) पत्नी राजपाल के ऊपर गिर गई। इससे वह घायल हो गईं। गांव में भूकंप के झटके महसूस होने से लोग दहशत में हैं।

मृतका के परिवार को सात लाख की मदद
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बाबट में शनिवार को भूकंप के झटकों से दीवार गिर गई थी। इसमें मलबे में दबकर शहोदरा (50) पत्नी ऋषिपाल की मौत हो गई थी। रविवार को शहर विधायक आबिद रजा, एसडीएम सदर प्रदीप यादव, नायब तहसीलदार विमल शुक्ला बाबट पहुंचे। शहर विधायक ने शहोदरा के परिवार वालों को सांत्वना दी। उन्होंने शहोदरा के पति ऋषिपाल को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सात लाख रुपये की आर्थिक मदद का चेक भेंट दिया। विधायक ने कहा कि शनिवार को वह लखनऊ में थे। इस वजह से गांव नहीं आ सके। उन्होंने ऋषिपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस मौके पर कानूनगो सत्यपाल सिंह, लेखपाल किशन लाल आदि भी मौजूद रहे।
भूकंप के लिहाज से जोन-5 मे है बदायूं
भूकंप के लिहाज से बदायूं जोन-5 में है। भू-विज्ञानियों की नजर में यह हाई रिस्क एरिया है। संकरी गलियां, जर्जर इमारतें यहां भूकंप आने की दशा में तबाही की वजह बन सकती हैं। इसके बावजूद जिले में भवनों के निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। तमाम इमारतें जर्जर हो गई हैं। इनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं।
नेपाल में आए भूकंप के साथ बदायूं में भी झटके महसूस किए गए। अगर बदायूं में भूकंप आता है, तो तबाही की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस हाई रिस्क एरिया की घनी आबादी वाली बस्तियों की संकरी गलियां राहत-बचाव कार्य में भी रुकावट पैदा करेंगी। भूकंप में सबसे बेहतर बचाव खुला मैदान होता है। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसा कोई स्थान भी नहीं है, जहां भूकंप आने की दशा में लोगों के सामने बचाव के ज्यादा रास्ते हों।

शहर के 18 मोहल्ले बेहद घने
नगर पालिका के रिकार्ड पर गौर करें तो शहर में 53 मोहल्ले हैं। इनमें 18 मोहल्ले घनी आबादी के हैं। इन्हीं घनी आबादी वाले मोहल्लों में ज्यादातर पुरानी और जर्जर इमारतें हैं। ज्यादातर इलाकों की गलियां संकरी हैं। भूकंप के लिहाज से हाईरिस्क एरिया होने के बावजूद नए भवनों के निर्माण में अनदेखी हो रही है। पुराने जर्जर भवनों को भी अपने हाल पर छोड़ दिया गया है।


शहर एक नजर में
मोहल्ले- 53
वार्ड-29
घनी आबादी के मोहल्ले-18
भवन-28 हजार
जर्जर भवन-400
आबादी-1.97 लाख
धर्म स्थल-127
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शहर में पुरानी और जर्जर इमारों को सर्वे कराकर चिंह्ति किया जाएगा। जर्जर भवन स्वामियों को नोटिस देकर इनको खाली कराया जाएगा। भविष्य में किसी तरह के खतरे से निपटने के लिए अभी से योजनाए बनाकर काम करना होगा।-ललतेश सक्सेना, ईओ नगर पालिका

रात को भी ठीक से सो नहीं पाए लोग
बिसौली। शनिवार की दहशत से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार को दोपहर में दोबारा आए भूकंप के झटके ने सभी को हिलाकर रख दिया। नगर के बाजार में दुकानों पर भारी भीड़ थी। जैसे ही धरती कांपी, जो जहां पर था, वहीं ठहर गया। हर कोई बदहवास एक दूसरे के चेहरे को देख रहा था। इसके बाद हर आदमी को घर पहुंचने की जल्दी थी। शनिवार की रात को फैली अफवाहों ने नींद उड़ा दीं। इससे हर कोई सहमा-सहमा रहा। हवा के झोंके से होने वाली खटर-पटर भी लोगों को डरा रही थी। जैसे-तैसे रात कटी। दोपहर में फिर भय बैठ गया।

भूकंप का खौफ, स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद
नेपाल में आए जलजला ने लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। इसे देखते हुए जहां सरकार, प्रशासन चौकन्ना है। वहीं बच्चों का हित देखते हुए प्रदेश शासन ने सभी तरह के स्कूल, कॉलेजों को बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 27 व 28 अप्रैल को सभी तरह के कक्षा एक से लेकर इंटर तक के विद्यालय बंद रहेंगे।
डीआईओएस वीना यादव और बीएसए कृपाशंकर वर्मा ने बताया कि शिक्षा निदेशक के आदेश पर जिले में कक्षा एक से लेकर इंटर तक के सभी स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी परिषदीय, बा स्कूल, सीबीएसई, आईसीएसई तथा समस्त राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। साफ कहा गया है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भूंकप में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि
संस्कार भारती की बैठक नगर महामंत्री पीयूष राठी के आवास पर हुई। इसमें नेपाल और भारत में आए विनाशकारी भूकंप में हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख जताया गया। दो मिनट का मौनधारण कर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। साथ ही उनकी आवास एवं अन्य वस्तुओं की हुई क्षतिपूर्ति के लिए सरकार से पर्याप्त मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की गई। इस मौके पर डा. एमएल राठी, कपिल मालपाणी, आशीष वशिष्ट, नरेंद्र गरल, हेमचंद्र वशिष्ट, शिवम कुमार, भगवान स्वरूप, सनोज मौर्य, गौरव राठी, हरीश्वर राठी, अफजाल हुसैन, गौरव सिंह, अखिलेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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