कादरचौक। गांव रेवा से जलालपुर तक सड़क जर्जर अवस्था में है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय तो सभी पक्की सड़क बनाने का दावा करते रहे, लेकिन अब कोई देखने वाला नहीं है।
16 किमी. लंबी इस सड़क में तीन किलोमीटर की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। इस सड़क का हाल यह है कि गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को जान का जोखिम बना रहता है। वाहन चालक सड़क से बचकर किनारे कच्ची पटरी पर चलते हैं।
असरासी से ललुआ नगला, जलालपुर होते हुए उझानी कादरचौक रोड को जोड़ने वाली इस सड़क से रोजाना करीब एक हजार लोगों का आवागमन रहता है। रास्ता खराब होने के कारण उझानी जाने के लिए वाहन चालक कादरचौक होते हुए अतिरिक्त करीब 16 किमी. का फेर लगाकर जाते हैं। इसी मार्ग पर जलालपुर में कस्तूरबा इंटर कालेज भी है। जलालपुर गांव की दस हजार की आबादी मार्ग सही न होने के कारण परेशान है। उझानी पढ़ने जाने वाले बच्चे अक्सर सड़क पर गिर जाते हैं। विभागीय अधिकारी सड़क की मरम्मत कराने की जहमत तक नहीं उठा रहे हैं। जलालपुर के राकेश माहेश्वरी ने बताया कि वर्षों पहले बनी इस सड़क पर सात वर्ष पूर्व पैच वर्क हुआ था।
सड़क बेहद खराब है। यही कारण है कि जलालपुर साप्ताहिक बाजार में सब्जी लेने जाने तक की हिम्मत नहीं होती। सड़क खराब है इसलिए, इधर से नहीं गुजरते। -पुष्पेंद्र, ग्रामीण
जलालपुर गांव में आलू की फसल बड़ी तादात में होती है। लेकिन सड़क खराब होने के कारण लोडिंग नहीं हो पाती है। बदायूं जाने को उझानी होकर जाते हैं।- अमरपाल, किसान
उझानी कॉलेज पढ़ने जाती हूं। सड़क खराब होने के कारण बहुत परेशानी होती है। वाहनों के यहां आकर खराब होने के कारण चालक यहां तक नहीं आते। यहां से आगे जाकर तब गाड़ी मिलती है। -दिव्यांशी, छात्रा
गड्ढों के कारण हादसे का हमेशा डर लगा रहता है। सड़क टूटी होने कारण यातायात भी कम ही चलता है।ऐसे में स्कूल आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय नेताओं को समस्या को देखना चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कत न हो। -कनिष्का, छात्रा
पुष्पेंद्र।
पुष्पेंद्र।
पुष्पेंद्र।
पुष्पेंद्र।