लखनऊ में हुए हादसे में कादरचौक के पांच बारातियों की मौत
कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव नरायन नगला के पांच लोगों की लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई। सभी लोग डीसीएम से बारात में शामिल होने के लिए गाजीपुर जा रहे थे। हाईवे पर डीसीएम बुधवार तड़के सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। हादसे में 30 लोग घायल हुए हैं। इनमें 10 की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी को किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी, लखनऊ में भर्ती कराया गया है। पांच लोगों की मौत की खबर पहुंचने पर नरायन नगला में मातमी सन्नाटा पसरा है। कादरचौक थाने के गांव नरायन नगला निवासी मुन्ना लाल के बेटे टिंकू की बारात मंगलवार को गाजीपुर के बिसनपुर गई थी। टिंकू और परिवार के कुछ लोग कार से चले गए, जबकि बाराती डीसीएम से रवाना हुए थे। डीसीएम में करीब 40 लोग सवार थे। बुधवार तड़के चार बजे डीसीएम लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के गांव संयासी खेड़ा पहुंची थी। यहां हाईवे पर डीसीएम को तेज रफ्तार 10 टायरा ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में डीसीएम बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। डीसीएम में सवार बाराती चंद्रपाल (40) श्याम लाल, शुभम सिंह (20) पुत्र कंचन सिंह, अमित (21) पुत्र भवानी सिंह, महावीर (28) पुत्र लोचन सिंह और हेम सिंह (42) की मौत हो गई। डीसीएम में सवार नरायन नगला के ही फूल सिंह, ओमकार, मुन्ना लाल, नेकसू, राजवीर, शेर सिंह, लालाराम, मोहन लाल समेत करीब 30 लोग घायल हो गए। घायलों में 10 की हालत गंभीर है।
मृतकों में दूल्हे के दो मामा और दो ममेरे भाई
कादरचौक। मृतकों में चंद्रपाल और महावीर दूल्हे के मामा हैं। अमित और शुभम ममेरे भाई। टिंकू की शादी महावीर ने ही तय कराई थी। हेम सिंह टिंकू का तहेरा बहनोई है। हादसे में टिंकू के पिता मुन्ना लाल भी घायल हुए हैं। सभी लोग एक ही गांव के रहने वाले हैं। मुन्ना लाल का परिवार मूल रूप से बिल्सी का रहने वाला है। करीब 20 साल पहले यह लोग नरायन नगला में आकर बस गए थे। मृतक चंद्रपाल की सात संतानें हैं। महावीर की शादी करीब दो साल पहले ही हुई थी। उसके कोई संतान नहीं है।
नरायन नगला में पसरा मातमी सन्नाटा
कादरचौक। एक ही गांव के पांच लोगों की मौत और करीब 30 लोगों के घायल होने की खबर जब नरायन नगला पहुंची तो यहां मातम छा गया। जिन घरों के लोग इस हादसे में काल के गाल में समां गए थे। वहां महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। खबर मिलने के बाद गांव के तमाम लोग और परिवारीजन घरों में ताला लगाकर लखनऊ रवाना हो गए। कुछ घरों पर महिलाएं रह गईं, तो उनका चर्चा का विषय भी यही था। सभी हैरान थे कि जिनको रात में राजी-खुशी विदा किया, उनमें कई अब नहीं रहे। नरायन नगला गांव के चार लोग इस हादसे में मरे हैं। एक पड़ोस के गांव का है। गांव के कई घरों में चूल्हा तक नहीं चला। हर कोई इस हादसे से द्रवित था। पांच लोगों के शव देर रात तक यहां पहुंचने की उम्मीद है।
रास्ते में ही काल ने मारा झपट्टा
कादरचौक। बड़े अरमानों के साथ मुन्ना लाल अपने बेटे की बारात लेकर मंगलवार की रात को लेकर निकल गए थे। बारात बुधवार को थी। सफर लंबा था, सो सभी ने जल्द निकलने का इरादा किया था। बाराती भी बारात में धमाल करने को आतुर थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि रास्ते में काल नजरें गड़ाए खड़ा है। जैसे ही बारातियों से भरी डीसीएम काकोरी थाना क्षेत्र में दस टायरा ट्रक काल बन गया। बताते हैं कि अधिकतर बाराती नींद के आगोश में थे। जब ट्रक से टक्कर हुई तो तंद्रा टूटी, लेकिन तब तक पांच लोगों काल अपने आगोश में ले चुका था।