बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस-वे का लाभ अब बदायूं जनपद के किसानों और व्यापारियों को भी मिलेगा। खासकर आलू उत्पादकों के लिए यह एक्सप्रेसवे नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। तेज रफ्तार परिवहन व्यवस्था के चलते अब जिले का आलू देश के विभिन्न हिस्सों तक कम समय में और कम लागत में पहुंच सकेगा, जिससे व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है।
जिला उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बदायूं में प्रतिवर्ष करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि में 60 लाख क्विंटल आलू का उत्पादन होता है। यहां पर प्रति हेक्टेयर करीब 300 क्विंटल आलू की पैदावार होती है। बीते कुछ वर्षों में जिले में आलू की खेती का रकबा तेजी से बढ़ा है, जिससे यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में शुमार होता जा रहा है।
आधुनिक तकनीकों और उन्नत बीजों के प्रयोग से किसानों की पैदावार में भी लगातार इजाफा हो रहा है। जनपद के सहसवान, बिल्सी, बिसौली, उझानी, अलापुर और दातागंज जैसे क्षेत्रों में आलू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यहां किसान हाइब्रिड किस्मों के साथ-साथ पारंपरिक देसी प्रजातियां भी उगा रहे हैं। देसी आलू की मांग स्वाद और गुणवत्ता के कारण बाजार में बनी रहती है, जबकि हाइब्रिड किस्में अधिक उत्पादन और बेहतर आकार के कारण व्यापारियों की पसंद हैं।
बदायूं का आलू पहले से ही बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में भेजा जाता है, जहां इसकी अच्छी खपत है। हालांकि, अब तक परिवहन में लगने वाले अधिक समय और ऊंचे भाड़े के कारण व्यापारियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से यह स्थिति बदलने लगी है। एक्सप्रेसवे के जरिये अब ट्रकों को लंबी दूरी तय करने में कम समय लगेगा, जिससे आलू की ताजगी बनी रहेगी और खराब होने की आशंका भी कम होगी। इसके साथ ही ईंधन की खपत घटने से भाड़ा कम होगा, जिसका सीधा फायदा व्यापारियों और किसानों दोनों को मिलेगा। व्यापारी अब दूर-दराज के बाजारों तक भी आसानी से पहुंच बना सकेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है बदायूं का आलू
स्थानीय व्यापारी शिव स्वरूप गुप्ता, नवनीत गुप्ता का कहना है कि एक्सप्रेसवे बनने से सप्लाई चेन मजबूत होगी। व्यापारी राजीव गुप्ता ने बताया कि इससे न केवल पुराने बाजारों में पकड़ मजबूत होगी, बल्कि नए राज्यों में भी बदायूं के आलू की पहुंच बढ़ेगी। वहीं किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अवसर का सही उपयोग किया जाए तो बदायूं का आलू व्यापार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है। साथ ही, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स के विकास से इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
टोल प्लाजा पर तैनात किए गए कर्मचारी
बिनावर। जिले से गुजर रहे गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात्रि 9 बजे से टोल प्लाजा का संचालन औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। हालांकि अभी यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि किसी भी वाहन से टोल शुल्क की वसूली नहीं की जा रही है। जिले के घटपुरी, डहरपुर व वनकोटा इंटरचेंज से वाहनों का आवागमन हो रहा है।
टोल प्लाजा परिसर में आठ लेन का चौड़ा मार्ग तैयार किया गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न हो। यहां कुल सात केबिन बनाए गए हैं, जिनमें कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। प्रत्येक केबिन पर कर्मचारी वाहनों की निगरानी कर रहे हैं। एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले वाहन चालकों को इसकी विशेषताओं और नियमों की जानकारी देने के लिए पंफलेट भी बांटे जा रहे हैं, ताकि भविष्य में टोल व्यवस्था लागू होने पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संवाद
गंगा एक्सप्रेस-वे घटपुरी इंटरचेंज का टोल बूथ। संवाद
गंगा एक्सप्रेस-वे घटपुरी इंटरचेंज का टोल बूथ। संवाद