पुरानी पेंशन को बहाल कराने की उठाई मांग
सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा सिटी मजिस्ट्रेट को
पुरानी पेंशन को बहाल करने और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के विरोध में बृहस्पतिवार को यहां मालवीय आवास पर शिक्षक-कर्मचारी समंवयक समिति ने धरना देकर प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों-कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
धरना प्रदर्शन में समिति के संयोजक चंद्रकेश यादव ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां पूरी तरह शिक्षक-कर्मचारी विरोधी हैं। यदि इसमें सुधार नहीं किया गया तो शिक्षक-कर्मचारी शांत नहीं बैठेंगे। 2004 के बाद से बंद हुई पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू किया जाए। इस बारे में केंद्र और राज्य सरकार से लगातार मांग की जा रही है किंतु अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। इससे साफ होता है कि सरकारें शिक्षक-कर्मचारियों के विरोध में हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देशराज सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों को केवल ठगा है। कर्मचारी नेता गौरव यादव ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने भी पुरानी पेंशन की बहाली पर जोर दिया। कहा कि इस मुद्दे पर शिक्षक कर्मचारी शांत नहीं बैठेंगे। अगले माह आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस बीच कर्मचारियों-शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की।
धरना-प्रदर्शन में सुरेश चंद्र चौधरी, आलोक कुमार, पुष्पदेव भारद्वाज, नबाव अली, शैलेंद्र सिंह, दामोदर सिंह, राजीव राज, पवन यादव, योगेंद्र सिंह, अराफात, माधव सिंह, अजयपाल सिंह, जमाल अख्तर,अवनीश्वर सिंह, उदयवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, ब्रजेश यादव, मधुकर उपाध्याय, सीमा यादव, अशोक कुमार आदि तमाम शिक्षक-कर्मचारी थे।