बिन ऑक्सीजन 24 घंटे चली अस्पताल की इमरजेंसी
लाखों की लागत से लगा ऑक्सीजन प्लांट भी फेल
जिला अस्पताल की स्थिति बदतर होती जा रही है। 300 बेड के अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट पहले ही फेल हो चुका है। ऑक्सीजन के 30 सिलेंडर के जरिए अस्पताल चल रहा है। प्रति सिलेंडर भरवाने पर 250 रुपये भी खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद यहां मरीजों को ऑक्सीजन मयस्सर नहीं हो रही। कई बार वक्त पर ऑक्सीजन न मिलने से मरीजों की जान पर बन आती है।
जिला अस्पताल अक्सर डॉक्टरों और स्टाफ की गारगुजारियों की वजह से सुर्खियों में रहता है। 10 मार्च 2016 को हादसे में घायल हुए बिलारी के सपा विधायक हाजी इरफान को जिस एंबुलेंस से बरेली रेफर किया गया था। उस एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था। वक्त पर ऑक्सीजन न मिलने से विधायक जी जान चली गई थी। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया है।
जिला अस्पताल में कुल 300 बेड हैं। ज्यादातर वार्ड के हर बेड पर ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार साल पहले लाखों रुपये की लागत से प्लांट लगाया गया था। देख-रेख के अभाव में प्लांट पूरी तरह से ठप हो चुका है। तमाम उपकरण भी चोरी हो चुके हैं। मरीजों को ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए 30 सिलेंडर जरूर हैं, लेकिन इसके बाद भी मरीजों को वक्त पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। शुक्रवार को इमरजेंसी में ही ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया। यह स्थिति चौबीस घंटे तक रही।
----
यह गंभीर बात है। इस बारे में जिला अस्पताल के सीएमएस से बात की जाएगी। अगर कहीं पर लापरवाही हो रही है तो कार्रवाई ही जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट के बारे में भी रिपोर्ट तलब की जाएगी।
-डॉ. अनीता दत्ता, एडी हेल्थ