समय पर जांच पूरी होने पर संशय
एसआईटी जांच शुरू हुए 10 दिन का समय बीत चुका है, जबकि दो सप्ताह में रिपोर्ट देना है। चार दिन ही शेष बचे हैं। अभी चश्मदीदों के बयान जिलास्तर पर दर्ज हो रहे हैं। बयान संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला स्तर पर तैयार रिपोर्ट की एसआईटी समीक्षा करेगी। जो बिंदु रह जाएंगे उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा। इसके बाद एसआईटी में शामिल अधिकारी अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। ऐसे में समय सीमा में जांच पूरी होने पर संशय बना हुआ है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही एसआईटी
- 14 जनवरी को शिकायत के बाद भी दोनों अफसरों को सुरक्षा मुहैया क्यों नहीं कराई गई।
- पांच फरवरी के विवाद को भी गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।
- एचपीसीएल के अफसरों की चेतावनी के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन आरोपी पर गंभीर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
- आरोपी पर कार्रवाई न करने के पीछे क्या वजह रही। कोई राजनीतिक संरक्षण तो नहीं था, जिसकी वजह से अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे थे।
- डीएम के आदेश के बाद भी एसडीएम और सीओ की ओर से क्या कार्रवाई की गई।
- एसडीएम दातागंज और सीओ उझानी ने सुरक्षा मुहैया क्यों नहीं कराई या डीएम को सुरक्षा के लिए रिपोर्ट दी या नहीं।
- डीएम स्तर से भी इस पूरे प्रकरण में क्या कार्रवाई की गई।
- शिकायत और घटना के बीच करीब दो माह का समय रहा, इस बीच पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन के अफसरों ने क्या कार्रवाई की।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसी आधार पर आरोप तय किए जाएंगे और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। पूरी कोशिश है कि जांच को समय पर पूरा कर लिया जाए।