बदायूं। सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम है। हालात यह है कि जिले के 997 विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर छात्र-छात्राओं की संख्या 70 फीसदी से कम पाई गई है। इस पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारी को निर्देशित किया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में उपस्थिति को बढ़ाए। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही कहा कि फर्जी छात्र-छात्राओं की संख्या न बढ़ाई जाए।
शासन की ओर से सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एमडीएम की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। रोजाना किस विद्यालय में कितने छात्र-छात्राओं ने भोजन खाया। इसका रोजाना का रिकॉर्ड रखा जाता है। वहीं इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) के माध्यम से लखनऊ से विद्यालयों से एमडीएम की जानकारी ली जाती है। अक्तूबर माह में जिले के 997 विद्यालय ऐसे थे। जहां पर 70 फीसदी के कम छात्र-छात्राएं मिले, जिन्होंने एमडीएम को उपभोग किया।
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म्याऊ, जगत के हाल खराब
-म्याऊ और जगत ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालयों के हाल बेहद खराब है। हालत यह है कि जगत में 91 तो म्याऊ में 93 विद्यालय ऐसे हैं। जहां पर 70 फीसदी से कम छात्र-छात्राएं अक्तूबर माह में उपस्थिति हुए हैं। लगभग ऐसा ही हाल अन्य ब्लॉक का है, जिसमें दहगवां में 87, बिसौली में 85 और आसफपुर में 79, समरेर व उझानी में 62-62, इस्लामनगर में 61, उसावां में 58 विद्यालयों के बच्चों की उपस्थिति कम रही।
इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। वह अपने स्तर से विद्यालयों में उपस्थिति बढ़वाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए