बदायूं। जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान तेजी से चल रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान एक चिंताजनक तथ्य सामने आया है। जिले में तीन सौ से अधिक युवती और महिलाएं ऐसी हैं, जो प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़ चुकी हैं और महीनों से लापता हैं। बीएलओ को कई परिजनों ने बताया कि कुछ मामलों में पुलिस में गुमशुदगी दर्ज है, लेकिन जांच धीमी होने से कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक मतदाता का वर्तमान निवास अनिवार्य रूप से सत्यापित किया जाना है। ऐसे में जिन युवती और महिलाओं का कोई पता नहीं है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज या अपडेट नहीं हो पाएगा। बीएलओ इन मामलों में सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं, क्योंकि वे फॉर्म भरकर आगे भेज नहीं पा रहे।
कई जगह परिजनों ने रोते हुए बताया कि बेटियां अचानक घर छोड़ गईं। अब फोन भी स्विच ऑफ मिलते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले में ऐसे मामलों की संख्या चिंताजनक है। पुलिस को इस दिशा में विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। बीएलओ का कहना है कि जैसे-जैसे एसआईआर का काम आगे बढ़ रहा है, गुमशुदा या घर से भागी युवतियों की संख्या सामने आती जा रही है। इससे न केवल मतदाता सूची प्रभावित हो रही है, बल्कि कई परिवार मानसिक तनाव में भी हैं।
एसआईआर प्रक्रिया अपने निर्धारित समय तक जारी रहेगी। जिन लोगों की उपस्थिति सत्यापित नहीं हो पा रही है। आयोग के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वैभव शर्मा, एडीएम एफआर
गुमशुदा युवतियों की खोज की प्रक्रिया जारी है। कई टीमें स दिशा में लगाई गई हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इन युवतियों का सुराग मिल सकेगा, ताकि परिवारों की चिंता दूर होने के साथ-साथ मतदाता सूची अपडेट करने का काम भी सुचारु रूप से पूरा हो सके। -डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी