बदायूं। इस्लामनगर के बाद दातागंज कोतवाली पुलिस की लापरवाही सामने आई है। 16 अगस्त को दोहरे हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त समरेर चौकी से पुलिस को चमका देकर भाग निकला था, जिसे ग्रामीणों ने चोर समझकर पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। इस लापरवाही में इस्लामनगर के बाद दातागंज कोतवाली पुलिस पर भी गाज गिर सकती है।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव वीरमपुर में 14 अगस्त की देर रात हुई मां शांति देवी व उनकी बेटी जयंती की नृशंस हत्या का खुलासा संदेह के घेरे में है। इससे इतर अब पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल, 15 अगस्त के तड़के ही दातागंज पुलिस को दोहरे हत्याकांड की सूचना मिल गई थी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। यहां पुलिस को हत्याकांड का चश्मदीद गवाह जयंती का मौसेरा भाई विपिन मिला।
विपिन के हाथ में चाकू के घाव थे। विपिन ने पुलिस को बताया था कि उस पर एक बदमाश ने चाकू से वार किया है। पुलिस ने घायल होने की वजह से उसे तड़के 4:32 बजे दातागंज सीएचसी पर भर्ती कराया। जहां वह करीब दो घंटे भर्ती रहा। इस बीच पुलिस का शक विपिन पर गया। पुलिस ने सीएचसी से बगैर डिस्चार्ज कराए उसे हिरासत में ले लिया और कोतवाली लाकर पूछताछ की, लेकिन वह पुलिस को गुमराह करने लगा।
वह अजीब गरीब हरकतें कर रहा था। इस वजह से पुलिस उससे सच उगलवाना चाहती थी। इसके चलते उसे समरेर पुलिस चौकी लाया गया। यहां उससे एसओजी व पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की। इसके बाद उसे कोतवाली लाया जाना था, लेकिन उसे किन्हीं कारणों से नहीं भेजा जा सका। विपिन चौकी के एक कमरे में बैठा था। इसी बीच पुलिस की नजर बचते ही वह चौकी से भाग निकला।
वह चौकी से दौड़ते हुए गांव की तरफ भागा। जहां उसका हुलिया व हाथ में पट्टी बंधी देख ग्रामीणों ने उसे चोर समझ लिया। ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई लगा दी। इसी बीच चौकी पुलिस को भी उसे भागने की जानकारी हुई तो पुलिस भी उसे तलाशने में जुट गई। ग्रामीणों ने उसे चोर समझकर ही पुलिस को सौंपा था, जिससे पुलिस को राहत मिली।
विपिन की आंख के पास चोट और सूजन
पुलिस ने दातागंज सीएचसी पर विपिन का मेडिकल परीक्षण कराया। डॉ. तौफीफ ने विपिन का मेडिकल परीक्षण किया। उसकी एक आंख में चोट व सूजन मेडिकल रिपोर्ट में लिखी गई है। वहीं जब पुलिस ने विपिन को हाथ में घाव की मरहम-पट्टी कराने के लिए सीएचसी में भर्ती कराया था तब उसके चेहरे व आंख पर चोट का एक भी निशान नहीं था। इससे ग्रामीणों की पिटाई के जख्म पुलिस की लापरवाही को बयां कर रहे हैं।
एसओजी प्रभारी के मुंह पर फूंका था सिगरेट का धुंआ
एसओजी प्रभारी राजेश कौशिक ने हत्यारोपी विपिन से पूछताछ की थी। तब विपिन ने एसओजी प्रभारी से सिगरेट मांगी थी। पूछताछ के लिए उसकी यह मांग भी बाहर से सिगरेट मंगवाकर पूरी की गई थी। इस बीच विपिन ने सिगरेट पीते हुए उसका धुंआ एसओजी प्रभारी के मुंह पर फूंका था।
लिखापढ़त में पुलिस ने वीरमपुर से दिखाई गिरफ्तारी
दातागंज कोतवाली पुलिस ने विपिन और उसके दोनों भाइयों की गिरफ्तारी 16 अगस्त को 5:50 बजे दिखाई है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई व प्रेस नोट में बताया कि वह विपिन व उसके भाइयों की तलाश में जब कोतवाल गौरव बिश्नोई डहरपुर कलां पहुंचे। वहां मुखबिर ने बताया कि विपिन वीरमपुर गांव से बाहर है। इस पर पुलिस ने गांव के बाहर से ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि विपिन 15 अगस्त से ही पुलिस की हिरासत में था।
पुलिस की सुस्ती पर गाज गिरना तय
24 घंटे के अंदर महिला अपराध से जुड़े दो अभियुक्तों के भागने की घटनाएं हुईं। इनमें जिला अस्पताल से भागे हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र के मामले में इंस्पेक्टर विशाल प्रताप व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दोनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन मां-बेटी की हुई हत्या के मामले में अब तक किसी भी पुलिस कर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में अगर पुलिस अधिकारी चौकी से भागे विपिन के मामले में जांच कराएं तो समरेर चौकी व दातागंज कोतवाली के पुलिस कर्मियों पर गाज गिर सकती है।
15 अगस्त को दातागंज सीएचसी पर भर्ती के दौरान हत्यारोपी विपिन के चेहरे पर मौजूद नहीं चोट का निशा