फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिनभर बदलता रहा मौसम का मिजाज

Tue, 19 Jan 2016 08:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह कोहरा और हल्की बारिश, दोपहर में खिली धूप
विज्ञापन

बफीर्ली बूंदों सी बारिश होने से कंपकंपाएं लोग
 
मंगलवार को सुबह घना कोहरा और बादल छाए होने की वजह से सर्दी तेज थी। बाद में बर्फीली बूंदों सी बारिश होने से सर्दी में इजाफा हो गया। इससे लोग जहां के तहां ठहर गए। बाइकर्स, साइकिल सवार और रिक्शा चालकों ने सुरक्षित स्थान देखकर खुद बारिश से बचाने का प्रयास किया। शाम को सर्द हवा चलने से लोग कंपकंपाते हुए नजर आए। पालिका एवं सामाजिक लोगों द्वारा अलाव जलवाने के लिए डलवाई गई लकड़ियां भीग जाने की वजह से अलाव भी नहीं जल सके। हालांकि दोपहर में धूप खिलने से काफी राहत भी मिल गई, लेकिन सूर्य अस्त के बाद गलनभरी सर्दी ने लोगों को घरों में रहने को विवश कर दिया।  
बारिश से पसरा रहा सन्नाटा
बदायूं। हल्की बूंदा-बांदी होने के बावजूद दिन में कई बार सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। मजबूरी वश जो लोग घरों से निकले वो बूंदा-बांदी और सर्दी सञे बचाव के इंतजाम पूरे करके निकले। इससे शहर के व्यस्त बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। हालांकि धूप खिलने पर लोगों की खासी भीड़ नजर आई।
विज्ञापन


हल्की बूंदा-बांदी से गेहूं को मिली संजीवनी
सोमवार रात से मौसम में बदलाव के साथ शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी ने गेहूं उत्पादकों के चेहरे की रंगत लौटा दी। बेमौसम बढ़े तापमान की वजह से गेहूं की फसल में कल्ले फूटने का नाम ही नहीं ले रहे थे। बढ़वार भी प्रभावित होने लगी लेकिन बूंदा-बांदी ने गेहूं का संजीवनी प्रदान कर दी है।
बूंदा-बांदी की शुरूआत में रात में करीब एक बजे से शुरू हुई। उससे पहले मौसम में ठंडक भी रही। मंगलवार सुबह में बूंदा-बांदी ने मंगलवार सुबह में तेजी पकड़ ली। हालांकि बरसात से अभी कोई ज्यादा लाभ नहीं मिला है, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो बूंदाबांदी से ही गेहूं की फसल फायदे में पहुंच गई है।
कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि चूंकि तापमान में तेजी से गिरावट आई है, इसलिए गेहूं की बढ़वार को मौका मिल गया है। इसी बूंदा-बांदी से गेहूं के पौधों के कल्ले फूटने लगेंगे। सरसों, मटर और मसूर को भी बूंदाबांदी से फायदा होगा। सब्जी फसलों में गोभी, शिमला मिर्च, गाजर, मूली, बैगन आदि में भी हरियाली लौट आई है। बता दें कि एक-दो दिन अभी और बरसात की संभावना बनी हुई है।
सब्जियों का राजा आलू भी मस्त
उझानी। सब्जियों के राजा आलू को भी बूंदा-बांदी से फायदा हुआ है। हालांकि आलू की फसल पहले से ही नुकसान में नहीं थी लेकिन हल्की बारिश के बाद फसल और बेहतर नजर आने लगेगी। आलू का उत्पादन भी पहले के मुकाबले अधिक होने की संभावना है। कच्चे आलू की पैदावार भी बंपर हो चुकी है।
विज्ञापन

कीट का प्रकोप रहेगा कम
कृषि वैज्ञानिक (पादप) सुरक्षा डॉ. संजय सिंह कहते हैं कि पिछले कुछेक दिनों में बेमौसम जिस तरह से तापमान में बढ़ोत्तरी हुई, उससे सब्जी फसलों समेत लाही और सरसों में माहू कीट सिफर रहा था। बरसात के बाद भी कीट का प्रकोप नहीं बढ़ पाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें