बदायूं। जिले के मरीजों के लिए खुशखबरी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज जल्द ही और अधिक सुसज्जित स्वास्थ्य सेवाओं से लैस होने जा रहा है। कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 100 नए बेड जोड़ने का निर्णय लिया है, जिससे अब कुल 530 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 430 बेड हैं, जिन पर मरीजों का इलाज किया जाता है। मरीजों की बढ़ती संख्या और गंभीर मामलों में बढ़ते दबाव को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बेड बढ़ने के बाद अस्पताल में भर्ती व्यवस्था और इलाज की प्रक्रिया और सुचारू हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि नए बेड जोड़ने के साथ ही विभिन्न वार्डों का पुनर्गठन भी किया जा रहा है। विशेष रूप से गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू), प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, बाल रोग विभाग, मेडिसिन और शल्य चिकित्सा विभाग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, नए बेडों के साथ आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
शासन स्तर पर इस विस्तार की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण एवं साज-सज्जा का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि नए बेडों के साथ सेवाओं की गुणवत्ता और भी बेहतर हो सके। कॉलेज प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि विस्तार कार्य पूरा होने के बाद बदायूं और आसपास के जनपदों के मरीजों को रेफर किए बिना ही समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। (संवाद)
ओपीडी में हर दिन पहुंचते हैं तीन हजार मरीज
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन इस समय तीन हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा करीब 100 से ज्यादा मरीज विभिन्न बीमारियों के हर दिन यहां अस्पताल में भर्ती भी हो रहे हैं। अब 100 बेड बढ़ने से मरीजों को भर्ती की और सुविधा मिल सकेगी।
चार मंजिला बन रहा नर्सिंग कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग छात्रों के लिए भी चार मंजिला भवन बनाया जा रहा है। हालांकि इसके काम में गति धीमी होने के चलते निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है। यहां पर नर्सिंग की 60 सीटें उपलब्ध है, जबकि इस समय 250 छात्र-छात्राएं बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में इस समय 430 बेड का अस्पताल है। यहां पर 100 बेड और बढ़ाए जा रहे है। नर्सिंग कॉलेज के लिए भी चार मंजिला भवन बन रहा है। मरीजों को यहां बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।- प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज