बदायूं। धनतेरस आज शनिवार को मनाई जाएगी। इसके लिए कारोबारियों ने पूरी तैयारी कर ली है। कार बाजार, मोटरसाइकिल बाजार, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स, बर्तन और सराफा बाजार सज गए हैं। बाजार में ग्राहकों के लिए तरह-तरह के आकर्षण उपहार वाली स्कीम रखी गईं हैं। धनतेरस पर कार व बाइक की खरीद करने वालों ने पहले ही बुकिंग करा ली है। कारोबारियों के अनुसार, इस बार दिवाली पर बाजार दो सौ करोड़ के पार जाएगा।
दुल्हन की तरह सजा इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार
धनतेरस से लेकर दिवाली तक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में बड़ा कारोबार होता है। धनतेरस पर लोग नए फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेब आदि घर ले जाना चाहते हैं। ऐसे में ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बाजार में अलग-अलग कीमतों के इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम शोरूम और दुकानों में रखे हुए हैं। आहूजा इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक वरुण आहूजा का कहना है कि धनतेरस पर नया सामान खरीदने का क्रेज रहता है। धनतेरस के लिए 120 आइटम की बुकिंग हो चुकी है। इस बाद इलेक्ट्राॅनिक बाजार 20 करोड़ का रहने की उम्मीद है।
स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों से सजा बाजार
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा है। ऐसे में बाजार स्टील, पीतल और तांबे के बर्तन से बाजार सज गया है। इस दिन महिलाओं की कोशिश रहती है कि रसोई से जुड़ा कोई न कोई बर्तन धनतेरस पर घर लेकर जरूर जाएं। बर्तन विक्रेता शिवशंकर ने बताया कि बाजार में स्टील, पीतल, तांबे के नए डिजाइन के बर्तन उपलब्ध हैं। स्टील के बर्तन वजन और वैरायटी के हिसाब से हैं। बर्तन व्यापारी कृष्णमुरारी का कहना है कि बाजार का कारोबार करीब 25 से 30 करोड़ रहने का अनुमान है।
वाहन खरीदने के लिए उमड़ेगी भीड़
धनतेरस पर लोग नया वाहन घर लाना पसंद करते हैं। इसके लिए पहले से ही बुकिंग करा लेते हैं और धनतेरस पर घर लेकर आते हैं। हीरो के डायरेक्टर अनुपम गुप्ता जिम्मी ने बताया कि धनतेरस के लिए करीब एक हजार से अधिक स्कूटी और बाइक की बुकिंग हो चुकी है। उन्होंने बताया कि दिवाली पर इस बार वाहन बाजार करीब 60 करोड़ के आसपास रहने की संभावना है।
ग्राहकों के स्वागत में सजा सराफा बाजार
धनतेरस पर सराफा बाजार में भी खूब रौनक रहेगी। इस दिन सोना और चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वर्तमान में सोने का भाव 1,32,100 रुपये प्रति दस ग्राम तक चल रहा है। सराफा कारोबारी प्रमुख वैश्य ने बताया कि धनतेरस पर लोग आभूषणों के साथ ही चांदी और सोने के सिक्के भी खरीदते हैं। हालांकि चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की भी डिमांड रहती है। उन्होंने बताया कि इस बाद सर्राफा बाजार करीब 80 करोड़ के आसपास रहने की उम्मीद है।
खील-खिलौनों व अन्य सामान की खरीदारी के लिए भी उमड़ रही भीड़
बाजार में खील-खिलौने, कपड़े, मेवा व सजावटी सामान खरीदने के लिए भी खासी भीड़ उमड़ रही है। दिवाली के लिए लोग नए कपड़े खरीद रहे हैं। सूट, लहंगा आदि कपड़ों के बाजार में इस समय खासी रौनक है। इस बार कपड़ाें का बाजार भी करीब पांच करोड़ के आसपास रहने की उम्मीद है। इसके अलावा ड्राई फ्रूट का बाजार भी गर्म है। दिवाली की तैयारी के लिए लोग सजावटी सामान खरीद रहे हैं। मूर्तियों का बाजार आदि मिलाकर दस करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना जताई जा रही है।
त्रयोदशी तिथि की शुरुआत आज दोपहर 12:20 बजे से
ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा कहते हैं कि पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की धन त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्तूबर को दोपहर 12:20 बजे से हो रही है। इसका समापन 19 अक्तूबर को अपराह्न 01:53 बजे होगा। ऐसे में प्रदोष शिववास के साथ धनतेरस 18 को व नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली 19 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इस प्रकार धनतेरस की खरीदारी 18 अक्तूबर शनिवार को दोपहर बाद से की जाएगी। धनवंतरी जयंती 19 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इसी दिन शाम को चतुर्दशी तिथि होने के कारण छोटी दीपावली अर्थात यम का दीपक जलेगा। 20 अक्तूबर को दीपावली पूजन 21 अक्तूबर रिक्त तिथि रहेगी व 22 अक्तूबर को महिलाएं गोवर्धन बनाकर पूजा करेंगी। 23 अक्तूबर को भैया दूज का मुहूर्त रहेगा।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
आचार्य के अनुसार, इस साल धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ समय- 18 अक्तूबर को दिन में 12:20 से 19 अक्तूबर को अपराह्न 01:53 बजे तक रहेगा। विशेष मुहूर्त शाम 5:48 से रात्रि 8:20 बजे तक रहेगा।
क्या-क्या खरीदें
धनतेरस खरीदारी का दिन माना जाता है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है। इस दिन सोने चांदी सहित घरेलू उपयोग की चीजों को खरीदना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भूमि, भवन, वाहन सहित अन्य चीजों को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मिट्टी के दीये, श्रीयंत्र, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, झाड़ू, नमक, धनिया और हल्दी आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
दीपावली लक्ष्मी पूजन 20 अक्तूबर को ही सर्वमान्य : राजेश कुमार शर्मा
इस साल की दीपावली 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी। ज्योतिषविद राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि हर साल कार्तिक अमावस्या पर दीपावली की पूजा स्थिर लग्न में करने का विधान है। इस दिन अमावस्या तिथि शाम 3:47 बजे से प्रारंभ होगी, जो 21 अक्तूबर को शाम 5:56 बजे तक रहेगी। 20 अक्तूबर को सभी राशि वाले लोग ग्रहों की अनुकूलता और सुख समृद्धि के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करेंगे। दीपावली पूजन का महत्व काली रात्रि और स्थिर लग्न में विशेष माना जाता है।
दीपावली पूजा के शुभ मुहूर्त
कुंभ लग्न : अपराह्न 2:56 बजे से शाम 4:05 बजे तक विशेष स्थिति कुबेर आदि पूजन में शुभ रहेगी।
वृषभ लग्न : शाम 7:10 बजे से रात्रि 9:06 बजे तक
सिंह लग्न : रात्रि 1:38 से 3:52 तक।
भैया दूज
दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है साथ ही उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी इस प्यार और आशीर्वाद के बदले उन्हें उपहार देकर उनका सम्मान करते हैं।
तिलक का शुभ दिन?
आचार्य के अनुसार, भाई दूज की तिथि 22 अक्तूबर को रात 08:19 बजे प्रारंभ होकर 23 अक्तूबर को रात्रि 10:47 बजे तक रहेगी। भाई दूज ऐसे में इस बार भाई दूज का पर्व 23 अक्तूबर बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा।
तिलक का शुभ मुहूर्त:
अपराह्न 01:11 बजे से शाम 03:28 बजे तक
अवधि : कुल 2 घंटे 17 मिनट रहेगी। इस समय में बहनें अपने भाइयों को तिलक कर सकती हैं और विधिपूर्वक पूजा कर सकती हैं।
भाई को तिलक लगाने की विधि
- शुभ मुहूर्त में भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बिठाएं। उसके सिर पर एक साफ रुमाल या कपड़ा रखें। फिर रोली और अक्षत (चावल) से तिलक करें। भाई के हाथ में कलावा (मौली) बांधें। उसके बाद मिठाई खिलाएं और घी का दीपक जलाकर आरती करें। अंत में भाई को बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।
धनतेरस के स्वागत में सजे बाज़ार
बदायूं। रुदायन नगर के बाज़ारों में दीपावली और धनतेरस की रौनक बढ़ गई है। लोग घरों की सजावट व रोशनी के सामान खरीद रहे हैं। एलईडी लाइट, झालर, दीये और नए डिज़ाइन के सजावटी आइटम खूब बिक रहे हैं। दुकानदार इस बार अच्छे मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं।
वजीरगंज। शुक्रवार को कपड़े की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। लोग बाजार में पहुंचकर बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आभूषण और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। सुबह से शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी है। संवाद
निर्वेश कुमार, बर्तन व्यापारी।संवाद
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निर्वेश कुमार, बर्तन व्यापारी।संवाद
निर्वेश कुमार, बर्तन व्यापारी।संवाद
निर्वेश कुमार, बर्तन व्यापारी।संवाद
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