गुरुवार को दशहरा पर मुख्य स्नान के मद्देनजर बुधवार को पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अफसरों की मौजूदगी में ही नगर पंचायत कर्मियों से बेरीकेडिंग कराई गई। गहराई वाले स्थानों पर बल्लियां लगाकर उन पर लाल झंड़ियां लगा दी गईं। अमर उजाला ने व्यवस्थाओं में ढ़िलाई का ये मामला प्रमुखता से उठाया था।
अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव और एसपी सिटी अनिल यादव बुधवार पूर्वाह्न में कछला गंगाघाट पर पहुंचे। उन्होंने कछला नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी लौनिया चौहान, ईओ लालचंद्र भारती के साथ गंगाघाट पर व्यवस्थाएं देखीं। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से घाट पर अफसरों की मौजूदगी में ही बेरीकेडिंग कराई गई। ईओ भारती ने बताया कि दोनों ओर घाट पर महिला श्रद्धालुओं को कपड़े बदलने के लिए अस्थायी शेड बनाए गए हैं। बेरीकेडिंग भी करा दी गई है। पुल के पिलर के आसपास लाल झंड़िया भी लगाई गई हैं।
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने घाट पर मौजूद लोगों से भी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी की। अध्यक्ष लौनिया चौहान के मुताबिक, घाट पर दोनों ओर पांच-पांच नाव पर दो-दो गोताखोर मौजूद रहेंगे। गोताखोर प्राइवेट हैं। पुलिस फोर्स भी घाट पर निगरानी करेगा। बता दें कि बुधवार को दशहरा पर मुख्य स्नान है। व्यवस्थाएं लेट शुरू होने का मामला आज के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद ही सच्चाई का पता लगाने को अफसर पहुंचे।
कासगंज के डीएम-एसएसपी ने देखा गंगाघाट
सोमवती अमावस्या पर नौ श्रद्धालुओं की मौत के बाद हरकत में आए कासगंज के पुलिस ओर प्रशासनिक अफसरों ने भी अपने जिले के सीमा क्षेत्र में घाट पर पहुंच कर हालात पर गौर किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस बार कछला में कासगंज जिले की सोरों कोतवाली का फोर्स भी मौजूद रहेगा।
नो एंट्री जोन में पिलर के पास का इलाका
सोमवती अमावस्या पर सर्वाधिक हादसे नये कासगंज वाले छोर पर रेलवे के नये पिलर नंबर-तीन के पास हुए थे। पुराने पुल का पिलर भी कुछ देरी पर है। दोनों के बीच गहराई अधिक है। गोताखोरों ने इस सच्चाई का अफसरों को अहसास कराया तो उन्होंने उस इलाके को नो एंट्री जोन बना दिया। आसपास पुलिस कर्मियों की ड्यूटरी रहेगी। वहां पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया गया है।