कहीं अत्याधिक कटौती तो कहीं है लो-वोल्टेज की समस्या
जिले में बिजली समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। हालत इतनी खराब है कि मनमानी कटौती तो हो ही रही है। बिजली की लो-वोल्टेज के कारण बिजली का कोई लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। शहर या ग्रामीण क्षेत्र सभी बिजली अव्यवस्था के कारण परेशान हैं। बिजली सुधार के नाम पर लगाए गए तमाम ट्रांसफार्मर, बिछाई गई-नई लाइनों और खोले गए उपकेंद्रों के बाद भी हालातों में सुधार नजर नहीं आ रहा है। बिजली अधिकारियों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
शहर में कटौती का आलम यह है कि कब बिजली गुल हो जाए कोई पता नहीं है। रात्रिकालीन बिजली कटौती फिर शुरू हो जाने से उपभोक्ताओं में रोष है। उपभोक्ताओं का रोष कभी भी सड़कों पर गुस्से के रूप में फूट सकता है। बिजली अधिकारियों को की जाने वाली शिकायतों का भी कोई निराकरण नहीं हो पाता है।
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लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ता हुए दुखी
बिल्सी। पिछले कई दिनों से उमस भरी भीषण गर्मी पड़ रही है। उसमें भी बिजली साथ नहीं निभा पा रही। नगर के बिजली उपभोक्ता लो-वोल्टेज की समस्या और बिजली कटौती से बेहद त्रस्त हैं। बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। नगर के लोगों का कहना है कि जैसे-तैसे तो नगर को बिजली मिल पाती है। उसमें भी लो वोल्टेज की समस्या होने से बिजली के सारे उपकरण बंद पड़े रहते हैं। लो-वोल्टेज के कारण नगर के कई मोहल्लों में रातभर अंधेरा छाया रहता है। लोगों का यह भी कहना है कि इसकी सूचना कई बार बिजली उपकेंद्र के कर्मचारियों को दी जाती है। लेकिन, किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। इधर, बिजली घर पर तैनात जेई धर्मात्मा कुमार गौड़ ने बताया कि गर्मी बढने के कारण टा्रंसफार्मर निर्धारित वोल्टेज नहीं निकाल पा रहे है। जिसके कारण घरों में भी लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
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टू-फेस बिजली की समस्या से परेशान हैं किसान
ककराला। ब्लाक कादर चौक क्षेत्र के ग्राम असरासी बिजली उपकेंद्र के ग्राम मोहम्मद गंज, बेहटा डंबर नगर, भोजपुर, नारायणपुर में टू-फेस बिजली आने से गांव के किसान परेशान हैं। बिजली टू फेस आने से ट्यूबवेल भी नहीं चल पा रहे हैं। फसलें सूख रही हैं। किसान और ग्राम वासी इसकी शिकायत बिजली विभाग को कर चुके हैं। मगर, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सभी का कहना है कि बिजली विभाग की मनमानी की वजह से आए दिन किसान और ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। अभी तक बिजली गांव में एक-एक सप्ताह नहीं आती थी। अब बिजली आती है तो टू-फेज आती है, जो किसी भी काम की नहीं है। ट्यूबवेल और आटा चक्की नहीं चल पा रहे हैं। एसडीओ से की गई इसकी शिकायत बेकार साबित हुई है। लोगों का कहना है की अगर, जल्दी ही बिजली सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।