बदायूं। हवालात में बंद होने के दौरान तबीयत बिगड़ने पर राजेश कोरी की मौत होने के दूसरे दिन दातागंज कोतवाली के सीसीटीवी कैमरे की वीडियो वायरल होने के मामले की जांच में इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह दोषी पाए गए।
एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह की प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर को लाइनहाजिर कर दिया गया। जांच में पाया गया कि इंस्पेक्टर ने ही किसी अन्य के जरिये वीडियो वायरल कराई थी। रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी अंकिता शर्मा ने बुधवार की रात कार्रवाई की।
प्रकरण में अब विस्तृत जांच कराई जा रही है। कई अन्य पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के अटसेना गांव में 27 अगस्त की रात भंडारे में डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इसमें राजेश कोरी और धर्मवीर को पुलिस ने हिरासत में लिया। 28 अगस्त की दोपहर धर्मवीर को पुलिस ने छोड़ दिया और राजेश कोरी के विरुद्ध शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की थी। इसी दिन शाम करीब 4 बजे राजेश की हवालात में बंद होने के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी।
इस घटना के अगले दिन 29 अगस्त को कोतवाली के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें हवालात गेट पर सिपाही बेहोश राजेश को टी-शर्ट पकड़कर झकझोरते नजर आया था। वायरल वीडियो के मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा था। इधर, थाने के अंदर का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे की छवि भी खराब हुई। एसएसपी अंकिता शर्मा ने वायरल वीडियो के प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपी। एसपी सिटी ने जांच कर रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कोतवाली के हवालात की सीसीटीवी फुटेज इंस्पेक्टर के माध्यम से किसी अन्य के जरिये वायरल कराई गई थी। इसमें इंस्पेक्टर को डर था कि कहीं आरोप उन पर न लग जाए। इंस्पेक्टर ने राजेश के कोतवाली में पहुंचने की फुटेज भी कुछ लोगों की दिखाई थी।