बनाए गए हैं 29 क्रय केंद्र, मार्केंटिंग की खरीद सबसे आगे
खरीद के नाम पर औपचारिक खरीद ने धान किसानों को अधर में लटका दिया है। मंडलीय नोडल अधिकारी/अपर आयुक्त खाद्य श्यामसुंदर शर्मा की डाट-फटकार रंग लाई है। खरीद में तेजी तो आई है लेकिन लक्ष्य अभी भी बहुत दूर है। दिवाली त्योहार पर धान बेचकर अपने परिवार में भी खुशी लाने के प्रयास में किसान केंद्रों पर पहुंचा लेकिन अव्यवस्थाओं ने इतने बड़े त्योहार पर भी उसे निराश किया।
धान खरीद का लक्ष्य 5,93,000 क्विंटल
बदायूं। जिले में अबतक 40000 क्विंटल ही धान की खरीद हुई है जबकि धान खरीद का लक्ष्य 593000 क्विंटल लक्ष्य रहेगा। जहां गत लक्ष्य खरीद करने वाली संस्थाएं पूरा नहीं कर सकीं थीं। इसबार भी धान खरीद का लक्ष्य अीाी बहुत दूर है।
विपणन विभाग की बढ़त को किसी ने नहीं तोड़ा
बदायूं। सात विभागों को धान खरीद का बदायूं में जिम्मा दिया गया है। इसमें विपणन विभाग सबसे आगे है। बाकी कर्मचारी कलयाण निगम, यूपी एसएस, एग्रो, पीसीएफ, एफसीआई, एसएफआई के केंद्र हैं। बाकी सभी खरीद में पिछड़ गए हैं।
आढ़तियों की शरण में किसान
बदायूं। एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है जो 31 जनवरी 2016 तक जारी रहेगी। अव्यवस्थाओं के चलते किसान आढ़तियों की शरण में जाने को मजबूर हैं। आढ़तिया औने-पौने दाम में किसानों का धान खरीद रहे हैं। जबकि कॉमन धान का सरकारी मूल्य 1410 और ग्रेड वन का धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल है।