मैला ढोने की प्रथा प्रतिबंधित होने के बावजूद इसे छोड़ने वाले स्वच्छकारों को पुर्नवासित एवं रोजगारपरक कार्यों से पूरी तरह से लाभान्वित नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर शासन से आदेश तो हो जाते हैं, लेकिन उनका जमीन पर सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। इससे स्वच्छकारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। स्वच्छकारों की समस्याओं के निस्तारण के साथ वाल्मीकि जन चेतना समिति के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर सफाईकर्मियों की भर्ती और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है।
चेतना समिति के अध्यक्ष अरविंदलाल वाल्मीकि ने बताया कि नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों द्वारा किए गए सर्वे को जिले की मुख्य सूची में शामिल नहीं किया गया है। जिले की सूची में शामिल करने के साथ ही 10 वर्ष पहले तक मैला ढोने का काम करने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल किए जाने की भी मांग की गई है।