बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का क्या स्तर है? यह बात किसी से छुपी नहीं है, लेकिन अब शिक्षक भी हाईटेक के साथ स्मार्ट हो गए हैं। वह किसी भी तरह से कार्रवाई की जद में आने से पहले ही अलर्ट हो जाते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण भी सामने आने लगा है। जी, हां बीते दो दिनों से वॉट्सएप पर मैसेज भेजकर शिक्षकों को आगाह किया जा रहा है। मैसेज में जो भी बाते लिखकर शिक्षकों को अलर्ट किया जा रहा है उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है। ये अव्यवस्थाएं स्कूलों में जरूर हावीं रहती होंगी।
वॉट्स एप पर भेजे जा रहे मैसेज में शिक्षकों को पिछले दो दिन से अलर्ट किया जा रहा है। इसमें बताया गया है कि 11 मई से 20 मई तक बेसिक शिक्षा मंत्री, सचिव बेसिक शिक्षा, निदेशक बेसिक शिक्षा, सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ मंडल तथा जिले के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में चेकिंग की जा सकती है, लिहाजा स्कूल में उपस्थिति, साफ-सफाई, एमडीएम की व्यवस्था दुरुस्त रखे। इसके अलावा स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ करेंट ज्ञान भी दें। ताकि निरीक्षणकर्त्ता की ओर से पूछे जाने पर वह आसानी से बता सकें। इसके अलावा अवकाश लेने की स्थिति में पत्र व्यवहार करने के साथ बीईओ के सीयूजी नंबर पर एसएमएस करने की भी जानकारी दी गई है। हालांकि अभी तक यह नहीं समझ में आ रहा है कि ये निरीक्षण का खौफ कहें या फिर अलर्टनेस। इधर, प्रभारी बीएसए सोमनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि इस तरह के मैसेज की उन्हें जानकारी नहीं है। इस तरह के निरीक्षण का भी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।