हिंदी मातृ भाषा ही नहीं देश आत्मा है
- फोटो : बदायूं/उत्ततर प्रदेश्ा
कबीर शांति मिशन और बदायूं क्लब की ओर से हिंदी सेवी सम्मान समारोह और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें चार हिंदी सेवियों को सम्मानित किया गया। साथ ही 10 लोगों को साहित्य भेंट करके कबीर शांति मिशन की सदस्यता दिलाई गई। हिंदी सेवियों को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि कबीर शांति मिशन के मुख्य संयोजक प्रदेश शासन के पूर्व प्रमुख सचिव आरके मित्तल ने कहा कि हिंदी मातृ भाषा ही नहीं, बल्कि देश के लोगों की आत्मा की भाषा है, जिससे सुनने, बोलने और देखने में प्रसन्नता होती है। उन्होंने अपने जीवन से जुड़े तमाम अनुभव शेयर करते हुए हिंदी के बारे में बताया। साथ ही जिंदगी की असली शांति और धन, वैभव के बारे में जानकारी दी।
मंडलायुक्त प्रमांशु ने कहा कि हिंदी गौरव की भाषा है। हिंदी का भविष्य सुनहरा है और विश्व भर में हिंदी का प्रचार-प्रसार हो रहा है। डीएम पवन कुमार ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए सरकारी कार्यकलापों के साथ ही आम कार्यकलाप में भी इसका विस्तार हो। कार्यक्रम में रिटायर्ड प्रोफेसर श्रीकांत मिश्र, साहित्यकार सतीशचंद्र शर्मा सुधांशु, बाल साहित्यकार अंजू शर्मा, साहित्यकार गीतांजलि सक्सेना को सम्मानित किया गया। इस मौके पर नवागत सीडीओ अच्छेलाल यादव, एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव, एसपी सिटी अनिल यादव, एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव, सीओ आनंद पांडेय, डॉ. शैलेंद्र कबीर, अक्षत अशेष, रवींद्र मोहन सक्सेना, सोनरूपा विशाल, अशोक खुराना आदि मौजूद रहे।