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गन्ना मंडियों में लूटी जा रही किसान की कमाई

Tue, 29 Dec 2015 09:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
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धड़ल्ले से हो रही अवैध रूप से गन्ने की खरीददारी  
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140 रुपये क्विंटल गन्ना बेचने को मजबूर है किसान

जिले में मंगलवार को दो ट्रक और एक ट्रैक्ट्रर ट्राली गन्ना पकड़ा गया। इसमें हजारों क्विंटल गन्ना लदा हुआ था, जो किसानों के साथ की जा रही लूट का खुलासा खुद कर रही हैं। इससे प्रशासन की नाक के नीचे किसानों के साथ हो रहे अत्याचार का खुलासा हो गया। इस मामले में थाना सिविल लाइंस में गन्ना सहकारी संघ के सचिव रामकिशन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही ट्रकों को थाना और चौकी में खड़ा कर लिया गया है।
जिले में मूसाझाग और कादरचौक गन्ना की बड़ी मंडियां हैं। यहां पर हजारों क्विंटल गन्ना रोजाना बेचा और खरीदा जाता है। इसमें तमाम गन्ना तो निजी चीनी मिलें दलालों के माध्यम से खरीद लेती हैं, जबकि बाकी का गन्ना कोल्हू संचालक खरीद लेते हैं। इन मंडियों में किसानों का गन्ना 140 रुपये क्विंटल के आसपास बिकता है।
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ऐसा इसलिए हो रहा है कि पहले तो चीनी मिलों का संचालन देर से हुआ। उसके बाद मिलों में किसानों का गन्ना लेने में तमाम झंझटे लगाईं जा रही हैं। और सहकारी चीनी मिल शेखूपुर की पेराई क्षमता 12 हजार क्विंटल है, इसमें भी ढंग से पेराई नहीं हो पा रही है, जबकि अन्य निजी चीनी मिलों की क्षमता 85 हजार क्विंटल के करीब है। ऐसे में निजी चीनी मिलों को पेराई के लिए अधिक गन्ना चाहिए है, जो वे सीधे किसानों से न लेकर दलालों के जरिए आधी कीमत में खरीद रहे हैं। इससे मिलों को भी खासा फायदा हो रहा है। ऐसे में मजबूर किसान भी नगद रुपये पाने के चक्कर में आधी कीमत में गन्ना बेच रहा है।
क्रय केंद्र पर ही गन्ना बेंचें किसान
बदायूं। गन्ना सहकारी संघ के सचिव रामकिशन ने किसानों से अपील की है कि वह माफिया और दलालों के चंगुल में न आएं। जब तक किसानों के गन्ने की पेराई नहीं हो जाती तब तक चीनी मिलें चलती रहेंगी। किसान अधिकृत क्रय केंद्रों पर ही गन्ना बेचें। क्रय केंद्रों पर उनको कोई समस्या नहीं होनी दी जाएगी।
छापामारी को बनाई जाएंगी टीमें
बदायूं। डीएम शंभूनाथ ने बताया कि अवैध गन्ना खरीद के खिलाफ टीमें बनाकर छापामारी की जाएगी। किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। डीएम ने इस संबंध में गन्ना विभाग को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं।
दलालों को दी जा रहीं सट्टा पर्चियां
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) और  भारतीय किसान दल (बीकेडी) के कार्यकर्ताओं ने जिला गन्ना अधिकारी से मिलकर किसानों की गन्ना पर्चियों को गायब करने की शिकायत की। साथ ही गन्ना मंडी पर रोक लगाने की मांग की।
किसानों ने बताया कि गुन्नौरा, वजीदपुर, सैंजनी, घमेई, नसहलापुर, दबरई, रहमुद्दीनगर आदि गांवों की फसल तैयार खड़ी है, लेकिन उन्हें पर्चियां नहीं दी जा रही हैं। कहा कि पेड़ी को पौधा दिखाकर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। कहा कि सहकारी चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने के लिए तमाम फर्जी सट्टे जारी किए गए हैं। इस दौरान बीकेडी जिलाध्यक्ष राकेश सक्सेना, भाकियू नगर अध्यक्ष हारून गौस, नगर उपाध्यक्ष सतीश साहू, राजू सैफी, भूरे यादव, गिरीश राजपूत, प्रेमपाल, केमपाल, नेमपाल सिंह, रामरहीस, सूरजपाल, भीमसेन आदि मौजूद रहे।
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सर्वे में पेड़ी को लिख दिया पौधा
बदायूं। क्षेत्र के गांव घमेई के रक्षपाल सिंह ने ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि सहकारी चीनी मिल के अंतर्गत आता है। उसके खेत में खड़ी गन्ने की फसल का सर्वे किया गया तो उसके खेत की फसल को पौधा लिखा गया, जबकि उसके खेत में पेड़ी तैयार खड़ी है। इससे उसे पर्ची नहीं मिल सकी है। किसान ने दोबारा सर्वे कराकर उसे गन्ना पर्ची दिए जाने की मांग की है।
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