घाटों के सुंदरीकरण को एक किमी पश्चिम से बालू काटकर लाई जाएगी गंगा
सुंदरीकरण को डिजाइन तैयार, सबसे बड़ा काम होगा गंगा का दिशा परिवर्तन
गंगा घाट कछला के सुंदरीकरण को बाढ़ खंड ने डिजाइन बनाकर तैयार कर ली है। इसके लिए सबसे बड़ा काम होगा गंगा को पश्चिम की ओर से करीब 700 मीटर पहले लाना। गंगा की धार को मोड़कर लाए बिना घाट की सुंदरीकरण योजना ही बेकार हो जाएगी।
गंगा का कछला घाट एक तीर्थ स्थल है। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा घाटों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव मांगा गया था। इसी पर बाढ़ खंड ने काम करते हुए कछला गंगा घाट को सुंदरीकरण के लिए चुना है। यहां गंगा के दोनों ओर के घाटों का सुंदरीकरण बाढ़ खंड बदायूं ने अपने जिम्मे लेते हुए प्रोजेक्ट की डिजाइन तैयार कर ली है। बाढ़ विभाग के डिजाइनिंग सेक्शन से आए बाढ़ खंड के मौजूदा एक्सईएन अरविंद वर्मा का इसमें बड़ा सहयोग रहा है। जेई दिलशाद हुसैन ने पहले ही खाका तैयार कर लिया था। अब इसे आखिरी टच डिजाइनिंग विभाग देगा।
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एक किमी पश्चिम से मोड़कर इस घाट पर लाई जाएगी गंगा
बदायूं। गंगा नदी इस समय दक्षिणी घाट कासगंज जिला की सीमा से लगकर बह रही है। उत्तरी घाट बदायूं की ओर करीब 700 मीटर गंगा दूर बह रही है। इधर के स्नार्थियों को या तो कासगंज जिले वाले घाट पर पुल पारकर नहाने जाना पड़ता है या बालू में काफी दूर चलकर स्नान को जाना पड़ता है। बदायूं की ओर घाट का सुंदरीकरण तभी सार्थक होगा जब गंगा इस घाट से लगकर बहे। इसलिए गंगा को इस घाट पर लाने का प्रस्ताव भी इस डिजाइन में शामिल किया गया है। इसके लिए पश्चिम की ओर गंगा की धार को एक किमी दूर जहां से गंगा मुड़ जाती है, मोड़कर इस ओर लाई जाएगी।
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गंगा घाट पर होंगी ये सुविधाएं
1. 100 गुणा 20 मीटर के दोनों ओर घाटों पर आरसीसी चबूतरे
2. घाटों पर स्नान के लिए ढाई-ढाई मीटर चौड़ाई की सीढ़ियां
3. महिलाओं के लिए अलग से स्नान घाट, कपड़ा बदलने को कक्ष
4. घाटों की स्वच्छता के लिए शौचालय और मूत्रालय
5. घाटों पर लाइट स्टैंड
6. स्नानार्थियों को बैठने के लिए बेंच और छायादार छतरियों का निर्माण
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नमामि गंगे योजना के तहत मांगे गए प्रस्ताव की पूरी तैयारी है। जल्दी ही स्टीमेट समेत घाटों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। डिजाइन तैयार है। स्टीमेट बनना है, जो अब काफी आसान होगा। एक-दो दिन में प्रस्ताव लखनऊ भेज दिया जाएगा।
-अरविंद वर्मा, एक्सईएन, बाढ़ खंड