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Budaun News: आठवें दिन भी सुलग रही फैक्टरी में आग, मलबा हटाने में जुटी गाजियाबाद की टीम

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मेंथा फैक्टरी में गैस कटर से मलबा काटने में जुटे गाजियाबाद के मजदूर। संवाद
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उझानी। मेंथा ऑयल फैक्टरी में आठ दिन पहले लगी भीषण आग अभी भी एक छोर पर सुलग रही है। धुएं के गुबार उठने पर बुधवार सुबह दमकल कर्मियों ने फिर से पानी की बौछार की। हालांकि धुआं बरकरार है, लेकिन उस पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। इस बीच गाजियाबाद की टीम गैस कटर से लोहे के मोटे गार्डर काटकर मलबा हटा रही है।
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भारत मिंट एलाइड एंड केमिकल्स में बुधवार को एक बार फिर सुबह में धुआं उठता दिखा। धुएं के गुबार तेज हुए तो दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार शुरू कर दी। दो दमकल ने दोपहर तक छह टैंक पानी की बौछार करके धुएं पर काफी हद तक काबू पा लिया। कुड़ा नरसिंहपुर के नेम सिंह ने बताया कि फैक्टरी में धुआं निकलना तो किसी भी दिन बंद नहीं हो पाया है। सुबह में एसडीएम मोहित कुमार हालात पर गौर करने के लिए फिर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों से भी मलबा हटाने के कार्य में देरी को लेकर जानकारी की।
वहीं, गाजियाबाद की टीम पांच गैस कटर की मदद से लोहे के गार्डर को काटकर मलबा हटा रही है। शाम तक गैर कटर चले। अब तक करीब पांच फीसदी कटिंग ही हो सकी है। टीम के संचालक गाजियाबाद के मोहम्मद अफजाल ने बताया कि मलबा अधिक है। गार्डर और पाइप के अलावा मशीनें भी एक- दूसरे से जुड़ीं हैं। ऐसे में मजदूरों को भी खतरे में नहीं डाला जा सकता है। दिल्ली से कुछ ऐसे उपकरण मंगवाए गए हैं, जो मलबा हटाने में सहायक बनेंगे।
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फैक्टरी से बाहर निकलने से पहले रोकी पिकअप
- मुनेंद्र के परिजनों को पता लगा कि एक पिकअप से कुछ सामान बाहर निकलेगा। इसके बाद दो- तीन लोग फैक्टरी में गए और पिकअप को बाहर निकलने से रोक दिया गया। परिजनों का कहना है कि फैक्टरी से माल बाहर जाने की शिकायत वह सीओ से कर चुके हैं।


भाई गजेंद्र की शादी टली
- फैक्टरी में जिंदा जले कर्मचारी मुनेंद्र यादव के छोटे भाई गजेंद्र की शादी 28 मई को होनी थी। हादसे के बाद मुनेंद्र के साथ ही परिवार की खुशियां मातम में बदल चुकी हैं। रिश्तेदार विश्राम सिंह ने बताया कि लड़की पक्ष के लोगों को भी हकीकत पता है। दोनों पक्ष के लोगों ने शादी टालने का फैसला किया है।
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फैक्टरी के बाहर डटा मुनेंद्र का परिवार
बदायूं। फैक्टरी कर्मी मुनेंद्र की आस में परिवार के लोग फैक्टरी के बाहर पेड़ के नीचे बैठे टकटकी लगाए हैं। आठ दिन में प्रशासन मुनेंद्र को न खोज सका है और न उसका कोई सुराग लगा सका है। यही गति रही तो मलबा हटाने में महीना भर लग जाएगा।
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हादसे के बाद से बिहार के मजदूरों का पता नहीं
इस फैक्टरी में बिहार के करीब 10 मजदूर काम करते थे। अग्निकांड के बाद से उन मजदूरों का पता नहीं है। बिहार के मजदूर निकट के गांव में ही किराये का कमरा लेकर रहते थे। हादसे के बाद से गांव वालों ने उनको नहीं देखा है। फैक्टरी के कितने मजदूर लातपा है, इस बारे में प्रशासन या फैक्टरी मालिक की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।

- बुधवार को मौके पर गया था। मलबा हटने का काम चल रहा है। कारीगरों को मलबा हटाने के काम में तेज लाने को कहा गया है। मलबा हटने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मुनेंद्र का नाम आग में फंस जाने में आया है। बाकी किसी का नाम नहीं आया है।- मोहित कुमार, एसडीएम सदर

मृतक के परिजनों से मिले कांग्रेस जिलाध्यक्ष

बदायूं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव बुधवार को फैक्ट्री में जलने से जान गंवाने वाले मुनेंद्र यादव के परिजनों से मिलने उनके गांव बिचौला पहुंचे। परिजनों से मिलकर उन्हें ढ़ांढस बंधाया और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि शव खोजने में पुलिस लापरवाही कर रही है। कहा कि 29 मई को वह आंबेडकर पार्क में एक दिन उपवास पर बैठेंगे। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच कराने, मुनेंद्र का शव खोजने और परिजनों को दो करोड़ रुपये का मुआवजा मांग की है।

मेंथा फैक्टरी में गैस कटर से मलबा काटने में जुटे गाजियाबाद के मजदूर। संवाद

मेंथा फैक्टरी में गैस कटर से मलबा काटने में जुटे गाजियाबाद के मजदूर। संवाद

मेंथा फैक्टरी में गैस कटर से मलबा काटने में जुटे गाजियाबाद के मजदूर। संवाद

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