बदायूं। जिले में स्टेडियम भले ही कुछ खेलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। लेकिन, स्विमिंग पूल न होने के कारण बच्चों को तैराकी सीखने के लिए नहीं मिल रही है। इससे तैराकी सीखने के शौकीन खिलाड़ियों का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
जिले में खेल के कम संसाधन खिलाड़ियों के सपने धूमिल कर रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि अधिकतर जिलों में स्विमिंग पूल होने की वजह से वहां पर बच्चे तैराकी सीख कर उसमें अपना भविष्य तय कर रहे हैं। लेकिन, जिले में स्विमिंग पूल न होने से वह तैराकी नहीं सीख पा रहे हैं। गर्मी में प्राइवेट पूलों का संचालन जरूर किया जाता है। लेकिन, उसमें बच्चे गर्मी में मौज करने के लिए ही जाते हैं। वहां पर उन्हें कोई तैराकी का अभ्यास नहीं कराया जाता है। खिलाड़ियों की मांग है कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्विमिंग पूल का निर्माण किया जाना चाहिए। जिससे वह प्रशिक्षक की देखरेख में तैराकी सीख कर अपने सपने को पूरा कर सकें।
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जिले में खेल संसाधनों की कमी है, अगर स्टेडियम में स्विमिंग पूल बन जाए तो खेल- खेल में तैराकी सीख सकते हैं।
- प्रवेश, खिलाड़ी
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तैराकी में भी लोग ओलंपिक में जा रहे हैं, अगर जिले में स्विमिंग पूल बन जाए तो हम लोग भी अभ्यास करके अपने सपने को पूरा कर सकते हैं।
- कमलेश, खिलाड़ी
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जिले में सभी खेलों के संसाधन हों तो खिलाड़ी अपने खेल का चयन करके उसमें अभ्यास करके आगे बढ़ सकते हैं, सरकार को सभी सुविधाएं पूरी करानी चाहिए।
- आयुष, खिलाड़ी
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तैराकी सीखने से इमरजेंसी में लोगों का सहारा बना जा सकता है, लेकिन स्विमिंग पूल न होने की वजह से हम लोगों को तैराकी सीखने को नहीं मिल पा रही है।
- सौरभ, खिलाड़ी
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जिले में स्विमिंग पूल की आवश्यकता है, लेकिन स्टेडियम में जगह की कमी के कारण स्विमिंग पुल का प्रस्ताव नहीं बन पा रहा है।
- अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ाधिकारी