बदायूं। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में जिले का प्रदेश में तीसरा स्थान है। जिले में एक भी लाइसेंस लंबित नहीं है। मई महीने में हुई समीक्षा में जिला सातवें से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। लाइसेंस के लिए वेटिंग नहीं है।
एआरटीओ कार्यालय में आने वाले लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। प्रक्रिया पूरी करने में भले ही आठ से 10 दिन लग रहे हो, लेकिन कार्यालय में कोई लाइसेंस लंबित नहीं है। ऑनलाइन आवेदन के बाद बॉयोमेट्रिक और टेस्ट भी देना पड़ता है। इसके बाद लाइसेंस के लिए लोगों को इंतजार नहीं करना पड़ रहा है।
लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को लगातार सुगम किया जा रहा है। पहले दलालों के कारण लोगों को महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे। जब से घर बैठे ही लाइसेंस को आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई तो काम आसान हो गया। हर माह सात से आठ हजार ड्राइविंग लाइसेंस कार्यालय से निर्गत किए जा रहे हैं। एक से 24 जून तक 6120 लाइसेंस जारी किए गए हैं। सभी लाइसेंस आवेदकों को भेजे जा चुके हैं।
- लाइसेंस बनाने में जिले का प्रदेश में तीसरा स्थान है। ऑनलाइन प्रक्रिया की वजह से कोई लाइसेंस लंबित नहीं है। आवेदन करने वालों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। - रामवचन गुप्ता, एआरटीओ