जिले को टॉप टेन में शामिल कराना ही होगी प्राथमिकता
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नवागत डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक करके विकास कार्यों तथा अन्य शासकीय कार्यक्रमों में पिछड़कर ‘डी’ श्रेणी पर स्थिर रहने वाले अधिकारियों का पूर्ण विवरण सूची सहित तलब किया। ऐसे अधिकारियों को विकास कार्य में सुधार कराने की नसीहत देते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर प्रदेश स्तर पर जनपद को टॉप टेन में शामिल करना होगा।
डीएम पवन कुमार ने कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में कहा, ड्यूटी पर मुस्तैद रहकर काम करने वाले अधिकारी ही उन्हें पसंद हैं। कहा कि उनके कार्यकाल में सहारनपुर प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान पर था और वह चाहते हैं कि अब बदायूं भी रहे। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 1640 गांवों में से 620 गांवों का ही विद्युतीकरण होने पर नाराजगी जताई। वृृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन में कम आधार नंबर लिंक न होने पर असंतोष व्यक्त किया। डीएम ने दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले तालाब, जिनका अभी तक पट्टा नहीं हुआ, उनकी सूची तैयार कर आवंटन की कार्रवाई अमल में लाने के लिए कहा। साथ ही अभिलेखों में तो दर्ज होने के बावजूद मौके पर उपलब्ध न होने वाले तालाबों की सूची तैयार करके अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए कहा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वह स्वयं जिला और महिला चिकित्सालय की स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान एडीएम प्रशासन, सभी एसडीएम के साथ डीआरडीए पीडी रविंद्र नाथ सिंह यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रवीन त्रिपाठी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजेश शर्मा, मनरेगा के उपायुक्त जयसिंह यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अवैध कार्य बर्दाश्त नहीं: डीएम
बदायूं। वर्ष 2008 बैच के आइएएस पवन कुमार चार्ज लेने के दूसरे दिन पत्रकारों से मुखातिब हुए, उन्होंने कहा कि वह अवैध कार्यों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिले में एसडीएम के पद पर रहे चुके पवन कुमार इससे पहले सहारनपुर, चंदौली, फर्रुखाबाद एवं संभल में डीएम रह चुके हैं। अभी विशेष सचिव सिंचाई के पद पर तैनात थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और समाज कल्याण के कार्यों पर विशेष बल दिया जाएगा। जनता को कानून व्यवस्था कि प्रति संतुष्ट करने को लेकर सजगता बरती जाएगी।